मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा- गंभीर नहीं हैं केंद्र और राज्य सरकारें

बसपा अध्यक्ष ने कहा, ''सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद केन्द्र सरकार को इस सम्बन्ध में अलग से देशव्यापी कानून बना लेना चाहिये था, लेकिन लोकपाल की तरह मॉब लिंचिंग जैसे जघन्य अपराध के मामले में भी केन्द्र सरकार उदासीन है तथा इसकी रोकथाम के मामले में कमजोर इच्छाशक्ति वाली सरकार साबित हो रही है.’’ मायावती ने कहा कि उन्मादी व भीड़ हिंसा की बढ़ती घटनाओं से सामाजिक तनाव काफी बढ़ गया है.    

मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा- गंभीर नहीं हैं केंद्र और राज्य सरकारें

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ( फाइल फोटो )

नई दिल्ली:

भीड़ हिंसा (मॉब लिन्चिंग) की घटनाओं पर बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने शनिवार को कहा कि इसकी जद में अब केवल दलित, आदिवासी और धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के लोग ही नहीं बल्कि सर्वसमाज के लोग भी आ रहे हैं और पुलिस भी इसका शिकार बन रही है.  उन्होंने शनिवार को यहां जारी एक बयान में कहा, ''अब ये घटनायें काफी आम हो गई हैं और देश में लोकतन्त्र के हिंसक भीड़ तन्त्र में बदल जाने से सभ्य समाज में चिन्ता की लहर है. सुप्रीम कोर्ट ने भी इसका संज्ञान लेकर केन्द्र व राज्य सरकारों को निर्देश जारी किये हैं, लेकिन इस मामले में भी केन्द्र व राज्य सरकारें कतई गम्भीर नहीं हैं जो दुःख की बात है.'' मायावती ने कहा, ''ऐसे में उत्तरप्रदेश राज्य विधि आयोग की यह पहल स्वागत योग्य है कि भीड़ हिंसा की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अलग से नया सख्त कानून बनाया जाय. इसके मसौदे के रूप में आयोग ने ‘उत्तरप्रदेश काम्बैटिंग ऑफ मॉब लिंचिग विधेयक, 2019' राज्य सरकार को सौंप कर दोषियों को उम्र कैद की सजा तय किये जाने की सिफारिश की है.''    

मुस्लिम छात्रों से 'जय श्री राम' के नारे लगवाए जाने से यूपी सरकार का इनकार, कहा- यह छवि धूमिल करने की कोशिश

हालांकि, उन्होंने कहा कि वर्तमान कानून के प्रभावी इस्तेमाल से ही हिंसक भीड़तन्त्र व भीड़हत्या को रोकने के हर उपाय किये जा सकते हैं, परन्तु जिस प्रकार से यह रोग लगातार फैल रहा है, उस सन्दर्भ में अलग से भीड़तन्त्र-विरोधी कानून बनाने की जरूरत हर तरफ महसूस हो रही है और सरकार को सक्रिय हो जाना चाहिए.'' 
 

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

मायावती ने बीजेपी पर फिर साधा निशाना, कहा-सत्ता का दुरुपयोग कर लोकतंत्र को कलंकित कर रही BJP

बसपा अध्यक्ष ने कहा, ''सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद केन्द्र सरकार को इस सम्बन्ध में अलग से देशव्यापी कानून बना लेना चाहिये था, लेकिन लोकपाल की तरह मॉब लिंचिंग जैसे जघन्य अपराध के मामले में भी केन्द्र सरकार उदासीन है तथा इसकी रोकथाम के मामले में कमजोर इच्छाशक्ति वाली सरकार साबित हो रही है.'' मायावती ने कहा कि उन्मादी व भीड़ हिंसा की बढ़ती घटनाओं से सामाजिक तनाव काफी बढ़ गया है.