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यूपी बोर्ड :नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम, 5 लाख से ज्यादा छात्रों ने छोड़ दी परीक्षा

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश और बिहार में बोर्ड परीक्षाएं नकल को लेकर हमेशा से ही बदनाम रही हैं. कई बार कैमरे का सामने अभिभावकों को हो अपने बच्चों को नकल कराते हुए देखा गया है. इतना ही नहीं 'शिक्षा माफिया' ने इन बोर्ड की परीक्षाओं को बुरी तरह से अपने चंगुल में जकड़ रखा है.

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यूपी बोर्ड :नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम, 5 लाख से ज्यादा छात्रों ने छोड़ दी परीक्षा

फाइल फोटो

खास बातें

  1. कड़ी निगरानी में हो रही परीक्षा
  2. लगाए गए हैं सीसीटीवी कैमरे
  3. 5 लाख से ज्यादा छात्रों ने छोड़ी परीक्षा
लखनऊ: यूपी बोर्ड परीक्षा के तीसरे दिन भी नकल माफियाओं पर यूपी बोर्ड की सख्ती भारी नजर आयी. सख्ती के चलते परीक्षा तीसरे दिन यानी गुरुवार को उनकी संख्या बढ़कर 6 लाख 33 हज़ार 217 हो गयी. प्रदेश भर में सभी जिलों के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर दूसरे दिन 144 विद्यार्थियों को नकल करते पकड़ा गया. नकल प्रकरण के सर्वाधिक मामले मथुरा जिले में सामने आए. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित कक्षा 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा में पहले दिन ही एक लाख 80 हजार 826 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी. परीक्षा के पहले दिन प्रदेश में 16 नकलची पकड़े गए. वहीं नकल प्रकरण में शामिल एक कक्ष निरीक्षक सहित तीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा जेल भेजा गया है. यूपी बोर्ड की परीक्षा में पहली बार नकल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए सीसीटीवी की निगरानी परीक्षा प्रारंभ हुई है.

मंगलवार सुबह 7.30 से 10.45 बजे की पहली पाली में हाईस्कूल गृह विज्ञान और इंटर हिन्दी प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षाएं हुईा. दोपहर 2 से 5.15 बजे के बीच दूसरी पाली में कक्षा 12वीं का सामान्य हिन्दी प्रथम प्रश्नपत्र का पेपर हुआ. दोनो पालियों की परीक्षा में 38 लाख 39 हजार 665 परीक्षार्थियों को परीक्षा में शामिल होना था. परीक्षा के पहले दिन ही एक लाख 80 हजार 826 परीक्षार्थियों ने यूपी बोर्ड की परीक्षा छोड़ दी थी. जबकि दूसरे दिन तक 5 लाख 5 हजार 69 परीक्षार्थियों ने यूपी बोर्ड की परीक्षा छोड़ दी. यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया कि निरीक्षण के दौरान परीक्षा के पहले दिन ही प्रदेश भर में 16 नकलची और दूसरे दिन 128 पकड़े गए.

वहीं इलाहाबाद जिले में पहले ही दिन 3 हजार 197 और दूसरे दिन 7 हज़ार 37 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी थी. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में पहले दिन से गुरुवार को तीसरे दिन तक 6 लाख 33 हजार 217 परीक्षार्थि परीक्षा छोड़ चुके है. अधिकारियों की मानें तो ये सभी नकलची परीक्षार्थी थे जिन्होंने सख्ती के चलते परीक्षा छोड़ी है. यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने का पूरा प्रयास किया जा रहा है. अधिकारियों की मानें तो आगे होने वाले पेपर में और भी परीक्षार्थी परीक्षा छोड़ सकते हैं.

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इस बार 67 लाख 29 हज़ार से ज्यादा छात्र-छात्राएं यूपी बोर्ड की परीक्षा दे रहे हैं. नकल पर नकेल कसने के लिए डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा खुद उचक निरीक्षण कर रहे हैं. ऐसे में नकल माफियाओं में एक भय समा गया है. इतना ही नहीं परीक्षा के पहले दिन ही इलाहाबाद में एसटीएफ ने नैनी क्षेत्र स्थित एक स्कूल बाल भारती इंटर कालेज में बोर्ड की परीक्षा के दौरान छात्रों को नकल करा रहे गिरोह का एसटीएफ ने पर्दाफाश किया है. एसटीएफ की इस कार्रवाई के बाद से समूचे प्रदेश में हड़कम्प है. मिली जानकारी के अनुसार एसटीएफ ने इलाहाबाद के जमुनापार में नैनी क्षेत्र में कॉलेज में नकल करा रहे गिरोह को छापा मार कर पकड़ा. प्रदेश के 75 जिलों में आयोजित विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए दिनभर सचल दस्ता दौड़ता नजर आया. परीक्षा के पहले दिन ही यूपी की इलाहाबाद एसटीएफ ने सूचना मिलते ही नैनी स्थित एक परीक्षा केंद्र पर छापा मार दिया. जहां पर इंटरमीडिएट की परीक्षा में सामुहिक नकल करायी जा रही थी.

वीडियो : बिहार का भी है यही हाल

इस बार योगी सरकार ने नकल रोकने के लिए सीसीटीवी तक का इंतजाम कर रखा है. इतनी सख्ती का ही असर है इस बार अभी तक लाखों छात्र परीक्षा ही देने नहीं आए तो वहीं कई जगहों पर अध्यापकों पर भी कार्रवाई की खबर है. फिलहाल अब देखने वाली बात यह होगी अभी तो परीक्षा पूरे एक महीने तक चलेगी और ये सख्ती नकलचियों और शिक्षा माफिया पर कितना लगाम लगा पाती है.


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