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माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने वाले पर्वतारोही सागर कसाना आर्थिक तंगी से परेशान, सरकार से लगाई मदद की गुहार

पर्वतारोही सागर कसाना ने बीते 22 मई को माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहरा दिया था.

माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने वाले पर्वतारोही सागर कसाना आर्थिक तंगी से परेशान, सरकार से लगाई मदद की गुहार

सागर कसाना (फाइल फोटो)

नई दिल्ली :

अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही सागर कसाना ने बीते 22 मई को माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहरा दिया था. तमाम  मुश्किलों को पार कर इस मुकाम को हासिल करने वाले गाजियाबाद के सागर की खूब तारीफ भी हुई, लेकिन अब यह पर्वतारोही अपने परिवार की खराब माली हालत से परेशान है और मदद की गुहार लगाई है. सागर कसाना ने उत्तर प्रदेश सरकार से लेकर केंद्र सरकार तक अपने परिवार की आर्थिक मदद के लिए गुहार का पत्र भेजा है. वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , गाज़ियाबाद से सांसद एवं केंद्रीय मंत्री वीके सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ अन्य नेताओं से मिल भी चुके हैं. सागर कसाना ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा कि हमनें तो देश की आन, बान, शान के लिए माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहरा दिया. मेरे इस जूनून में मेरे पिता ने 30 लाख रुपये का क़र्ज़ लेकर लगा दिया लेकिन अब ये कर्ज़ा ज़िन्दगी के लिए मुसीबत बन गया है. 

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कर्ज चुकाने में मेरी बहन की शादी के लिए जो जमा रकम थी उसको भी लगा दिया. हमनें कामयाबी तो हासिल कर ली लेकिन मेरी इस कामयाबी के बाद अब मेरी बहन की शादी में रुकावट आ गयी है. वहीं मेरे पिता द्वारा लिए गए क़र्ज़ का दबाव उनको जीने नहीं दे रहा है. सागर कहते हैं कि मैं उनकी परेशानी को देखकर कभी कभी ये सोचता हूं कि जिस पिता ने मेरे जूनून और देश की शान के लिए 30 लाख रुपये का कर्ज़ ले तो लिया लेकिन उसकी वापसी न कर पाने की स्थिति में उनको जो मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, उससे तो बेहतर होता कि मैं इस तरफ न जाता. भर्राई आवाज़ में सागर कहते हैं कि आखिर सरकार कब मेरी फरियाद सुनेगी और कब हमें इस क़र्ज़ के बोझ से मुक्ति मिलेगी. 

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अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही सागर कसाना के पिता अजब सिंह कसाना कहते हैं कि सागर को पहाड़ पर चढ़ाने के लिए पहला पहाड़ तो मैं ही चढ़ा. आर्थिक रूप से मेरा परिवार इस लायक तो नहीं था की बेटे की ज़िद के आगे 30 लाख रुपये का दांव लगाया जाता, लेकिन बच्चे का साहस देखकर हमनें क़र्ज़ लेकर सागर के साहस को बल दिया. माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के बाद उनको बधाई देने वालों की कतार लग गई, लेकिन इस कामयाबी के पीछे क़र्ज़ का दर्द किसी ने महसूस नहीं किया. आज मेरे परिवार के लिए ये क़र्ज़ खुद एक पहाड़ का रूप ले चुका है. बेटी की शादी के लिए जमा पूंजी भी अब नहीं रही इसलिए उसकी शादी की चिंता और गहराती जा रही है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ अन्य नेताओं से मुलाक़ात पर अजब सिंह कसाना कहते हैं कि सागर को आशीर्वाद देने के बाद मेरे क़र्ज़ के दर्द को वो महसूस नहीं कर सकेो और हम मायूस होकर बैरंग वापस आ गए . 

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भाई की कामयाबी के पीछे शादी को ठुकराने वाली बहन सोनम कसाना कहती हैं कि मेरे भाई ने देश का नाम रौशन किया, जो मेरी शादी से हज़ारों गुना बड़ी ख़ुशी देने वाला सौगात है. लेकिन उनकी कामयाबी के लिए पापा द्वारा लिए गए क़र्ज़ ने अब परेशानी खड़ी कर दी है. क्योंकि बकायेदारों ने क़र्ज़ वापसी के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है. जो पूरे परिवार के लिए चिंता का विषय है. जिससे उभर पाने में सरकार या स्वयंसेवी संस्थाएं मदद कर सकती हैं. 

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सागर की मां मीला कसाना एक तरफ बेटे की कामयाबी पर खुश हैं तो दूसरी तरफ छोटी बेटी की शादी के लिए बेहद चिंतित हैं. वो कहती हैं कि बेटी की शादी कैसे होगी ये चिंता दिन रात खाये जा रही है. क्योंकि जो कुछ शादी के लिए जमा किया था बेटे के जूनून में खर्च कर दिया. बेटे की कामयाबी ने हम लोगो के सिर पर क़र्ज़ की चादर तान दी, जिसके नीचे पूरा परिवार चिंता में डूबा रहता है कि आखिर क़र्ज़ के इस दर्द से कब और कैसे मुक्ति मिलेगी.