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विपक्ष अपरिपक्व नेतृत्व के हाथ में है, बंदर को उस्तरा पकड़ा दो तो क्या होगा : नरेश अग्रवाल

हरदोई पहुंचे नरेश अग्रवाल ने एक जनसभा में कहा ‘‘मैं राहुल जी को इस मारे कुछ नहीं कहता क्योंकि राजीव जी हमारे नेता थे, राहुल उनके बेटे हैं......

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विपक्ष अपरिपक्व नेतृत्व के हाथ में है, बंदर को उस्तरा पकड़ा दो तो क्या होगा : नरेश अग्रवाल

कुछ दिन पहले ही नरेश अग्रवाल सपा छोड़ बीजेपी में शामिल हुये हैं. ( फाइल फोटो )

खास बातें

  1. नरेश अग्रवाल पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान
  2. सपा छोड़कर बीजेपी में हुये हैं शामिल
  3. अखिलेश यादव पर साधा है निशाना
लखनऊ: अपने विवादित बयानों के लिये अकसर चर्चा में रहने वाले भाजपा नेता नरेश अग्रवाल ने इस बार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं के प्रति अभद्र टिप्पणी की है. हाल ही में भाजपा का दामन थामने के बाद पहली बार हरदोई पहुंचे अग्रवाल ने एक जनसभा में कहा ‘‘मैं राहुल जी को इस मारे कुछ नहीं कहता क्योंकि राजीव जी हमारे नेता थे, राहुल उनके बेटे हैं...... लेकिन इतना कह सकता हूं कि विपक्ष अपरिपक्व नेतृत्व के हाथ में है. बंदर को उस्तरा पकड़ा दो तो क्या होगा. अगर हमने विपक्ष को उस्तरा पकड़ा दिया तो देश टुकड़े-टुकड़े हो जाएगा.’’  अग्रवाल ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा मुखिया मायावती की तुलना जानवरों से की. उन्होंने कहा कि अखिलेश बसपा की मदद से दो लोकसभा सीटों का उपचुनाव जीतने के बाद अब कैराना उपचुनाव में समर्थन के लिये मायावती के आगे गिड़गिड़ा रहे हैं. जो समर्थन की चाहत में पार्टी चला रहा हो, तो उसकी पार्टी का क्या मतलब है। असल बात यह है कि मोदी की बाढ़ में शेर और बकरी भी एक घाट पर खड़े हो गये हैं.

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सपा से राज्यसभा सदस्य रह चुके अग्रवाल ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी तंज करते हुए कहा ‘‘तुम (अखिलेश) फिल्मी कलाकार (राज्यसभा सदस्य जया बच्चन) पर इतना खुश हो गए कि 40 साल का इतिहास बनाये एक व्यक्ति को, जिसने तुम्हें अध्यक्ष बनाया, जिसने समाजवादी पार्टी को मजबूत किया जो पूरे प्रदेश में खुल कर लड़ता रहा. तुमने उसी व्यक्ति को अपमानित कर दिया. अगर इतनी ही शान है तो जाकर बहन जी (मायावती) के पैर क्यों छू लिये.’’  उन्होंने कहा कि कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) में 18 दल शामिल हैं. अगर 18 दल वाले संप्रग के हाथ में देश चला जाएगा तो उसके टुकड़े टुकड़े हो जाएंगे. यहां सवाल मोदी और भाजपा का नहीं है. यहां सवाल है देश का, क्योंकि केंद्र का चुनाव देश का चुनाव होता है.

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अग्रवाल ने कहा ‘‘मुझे याद है कि इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं. मैं कांग्रेस में था. लोग आलोचना किया करते थे कि इंदिरा जी कुछ नहीं करतीं लेकिन जब चुनाव आता था तो वोट इंदिरा गांधी को ही मिलते थे. क्या मोदी जी के विपक्ष में कोई व्यक्ति है जो सरकार चला सकता है? बता दीजिये क्या राहुल गांधी चलाएंगे.’

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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