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पूर्वी उत्तर प्रदेश में आई बाढ़ से लोगों को बचाव में जुटी है एनडीआरएफ

पिछले 14 अगस्त  से 11 एनडीआरएफ की 26 टीमें लगातार दिन रात पूर्वी उत्तर प्रदेश के अत्यधिक प्रभावित जिलों में अपना राहत और बचाव कार्य कर रही हैं.

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पूर्वी उत्तर प्रदेश में आई बाढ़ से लोगों को बचाव में जुटी है एनडीआरएफ

लोगों को बचाने में जुटी एनडीआरएफ की टीम

नई दिल्ली:

पूर्वी उत्तर प्रदेश में जबसे बाढ़ का कहर आया है तब से आम लोगों के लिए एनडीआरएफ की टीम देवदूत बनकर आयी है. दिन हो या रात एनडीआरएफ के जवान अपनी जान पर खेलकर लोगों के राहत और बचाव के काम में लगे हुए हैं. पिछले 14 अगस्त  से 11 एनडीआरएफ की 26 टीमें लगातार दिन रात पूर्वी उत्तर प्रदेश के अत्यधिक प्रभावित जिलों में अपना राहत और बचाव कार्य कर रही हैं. करीब 1000 से ज्यादा जवान लोगों की मदद में लगे हुए हैं. बा़ढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिलों गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती और बाराबंकी में ये टीमें पूरी तरह से पानी में डूबे  गांव से प्रभावित लोगों को बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर ले जा रही हैं. इतना ही नहीं हर प्रभावित व्यक्ति तक राहत सामग्री भी पहुंचा का जिम्मेदारी भी है.

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लोग छतों में लगा रहे थे गुहार
एनडीआरएफ की 25 सदस्यीय टीम  ने इंस्पेक्टर नितिन कुमार के नेतृत्व में  सिद्धार्थनगर जिला के नौगढ़ तहसील  के सतवारी, चौराया, नवेला, नौसी, बांगरा और टेड़िया बाजार गांव में फंसे लोगों को हेलीकाप्टर के मदद से बचाव ऑपरेशन को अंजाम दिया. सिद्धार्थनगर के इन गांवों में चारों ओर से लगभग 20  फ़ीट गहरे बाढ़ का पानी से लोग  घिरे हुए थे. परेशान लोग अपने घरों की छतों पर चढ़कर मदद की गुहार लगा रहे थे. इसी बीच जब एनडीआरएफ को खबर मिली तो आसमान से देवदूत बनकर  एनडीआरएफ के बचावकर्मी हेलीकाप्टर से रस्सी के द्वारा इन छतों पर उतरे.   सभी को वायुसेना के हेलीकाप्टर की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. ये ऑपरेशन रविवार की सुबह 6 बजे से दोपहर दो बजे तक तक लगातार 8 घंटे चला.  इस बचाव कार्य में एनडीआरएफ की टीम ने महिलाओं, नवजात बच्चों और बुज़ुर्गों सहित 84 लोगों को हेलीकाप्टर द्वारा लिफ्ट करके सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया.


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पूरी तरह से तैयार है एनडीआरएफ
एनडीआरएफ के हेली स्लेदरिंग (हेलीकाप्टर द्वारा राहत बचाव कार्य) प्रशिक्षित बचावकर्मी  वायु सेना के हेलीकाप्टर के साथ पूर्ण रूप से पूरी तरह से पानी में डूबे गांव में फंसे लोगों को निकालने व राहत सामग्री बांटने का काम कर रही है. हेलीकाप्टर द्वारा राहत बचाव कार्य में निपुण एनडीआरएफ  के ये जांबाज़ बिना अपनी जान की परवाह किये पानी , जमीन और आसमान के रास्ते विपरीत हालात में  का सामना करते हुए लोगों को बचाने का काम कर रहे हैं. 11 एनडीआरएफ  के कमांडेंट कौशलेश राय खुद उत्तर  प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहकर सभी राहत-बचाव के काम का मुआयना कर रहे हैं.  कमांडेंट राय ने एनडीटीवी इंडिया से कहा कि जब तक बाढ़ के प्रकोप से आम लोगों तक राहत नहीं पहुंच जाती तब तक हमाारे जवान चैन से नहीं बैठेंगे. एनडीआऱएफ की टीम से जो बन पड़ेगा वो करेगी ताकि लोगों को मदद पहुंचायी जा सके.  
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वीडियो : देखें जुटी है एनडीआरएफ

बचाई हैं अब तक 153 जानें
सिद्धार्थनगर में हुए अद्भुत बचाव कार्य के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ के बचावकर्मी जल व नभ के रास्ते हर संभव तरीके से मुश्किल हालात में  भीअपनी जान की बाज़ी लगाकर राहत बचाव कार्य कर रहे हैं. इसमें भारतीय वायु सेना का भी अहम सहयोग मिल रहा है.  इससे पहले महाराजगंज जिला  में भी एनडीआरएफ की टीम हेलीकाप्टर की सहायता से 10  लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल चुकी है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित 12  जिलों में  दिन-रात राहत बचाव कार्य करते हुए अब तक एनडीआरएफ ने 153  लोगों की जानें बचाई है और 16510 लोगों  को जलमग्न गांव से सुरक्षित बाहर निकाला. इसके अलावा एनडीआरएफ के टीमों ने 82795  पैकेट खाद्य  सामग्री बांटा और 7272  लोगों को  दवाइयां- इलाज मुहैया कराया. 



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