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'यूपी चल पड़ा है', अब यूपी के विकास के रास्ते की बाधाओं को दूर करेंगे : नीति आयोग

मोदी सरकार द्वारा गठित नीति आयोग ने गुरुवार को आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश के विकास के रास्ते में आने वाली किसी भी बाधा को वह दूर करेगा.

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'यूपी चल पड़ा है', अब यूपी के विकास के रास्ते की बाधाओं को दूर करेंगे : नीति आयोग

नीति आयोग (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा- हम दिल्ली में दरबार लगाने में यकीन नहीं करते.
  2. राजीव कुमार ने कहा कि पिछले छह-सात महीनों में 'यूपी चल पड़ा है.'
  3. अब उत्तर प्रदेश के विकास के रास्ते में आने वाली बाधाएं दूर करगी नीति आयोग
लखनऊ: अब उत्तर प्रदेश के विकास के रास्ते में आने वाली बाधाएं दूर करने की जिम्मेवारी नीति आयोग ने ले ली है. मोदी सरकार द्वारा गठित नीति आयोग ने गुरुवार को आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश के विकास के रास्ते में आने वाली किसी भी बाधा को वह दूर करेगा. आयोग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि 'यूपी चल पड़ा है.' नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि पिछले छह-सात महीनों में 'यूपी चल पड़ा है.' साथ ही उन्होंने कहा कि नीति आयोग के लिए उत्तर प्रदेश शीर्ष प्राथमिकता वाला राज्य है. अगर उत्तर प्रदेश आगे बढ़ता है तो भारत भी आगे बढे़गा. आगे उन्होंने कहा कि हम योगी सरकार की अब तक के शासन से संतुष्ट हैं. यूपी की परियोजनाओं पर कार्य आगे बढ़ रहा है, यह देखकर काफी अच्छा लग रहा है. 

राजीव कुमार सीएम योगी, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात के बाद ये बातें कहीं. कुमार के साथ उस वक्त नीति आयोग के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे, जिनमें मुख्य कार्याधिकारी अमिताभ कांत शामिल थे. नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि अगर यूपी के विकास को लेकर दिल्ली में किसी तरह की बाधा है तो हम उसे दूर करेंगे. 

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उन्होंने कहा कि हमारे बीच किसी तरह की औपचारिकता नहीं है. हम उसी भावना के साथ आगे बढ़ेंगे. नीति आयोग, योजना आयोग से अलग है क्योंकि हम राज्य के विकास के साझेदार हैं. हम दिल्ली में दरबार लगाने में यकीन नहीं करते. हम विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मुलाकात कर रहे हैं.  आगे उन्होंने कहा कि हर राज्य की अपनी पहचान होती है और इसके लिए विकास के एक विशिष्ट एजेंडा की आवश्यकता है. हम भविष्य में कार्यशालाएं करेंगे, जिनमें विशेषज्ञों को बुलाया जाएगा और देश में विभिन्न क्षेत्रों में अपनाये जा रहे बेहतरीन तौर तरीकों पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा. साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारियों को इस प्रक्रिया में जोड़ा जाएगा. 

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कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी क्षेत्र) में और प्रयास किये जाने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि राज्य को खुले में शौच से मुक्त करने की दिशा में चल रहे कार्य की गति बढ़ानी होगी. सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि दूसरी बार नीति आयोग के अधिकारी उत्तर प्रदेश आये हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आयोग की टीम से कहा है कि 'टीम यूपी' ने गति पकड़ ली है और यूपी चल पड़ा है. प्रधानमंत्री के 'विजन' को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यान्वित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि नीति आयोग की टीम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'टीम इंडिया विजन' को ध्यान में रखकर उत्तर प्रदेश आयी है. प्रधानमंत्री चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर हो. 

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बता दें कि इससे पहले 10 मई को नीति आयोग के तत्कालीन उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल प्रदेश आया था. उस उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्य के विकास की भावी रूपरेखा पर विचार विमर्श किया गया था. तय किया गया था कि संयुक्त कार्यदल का गठन किया जाएगा, जिसमें नीति आयोग और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि शामिल होंगे.

VIDEO - सरकारी योजनाओं पर नीति आयोग का पक्ष



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