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एक्सीडेंट के समय कहां थे उन्नाव रेप पीड़िता को मिले यूपी पुलिस से 10 सुरक्षाकर्मी?

एडीजी राजीव कृष्णा ने कहा,  'रायबरेली जिले में एक्सीडेंट हुआ है दो महिलाओं को मौत हुई है दो घायल हैं.  हम लोग बेहतर इलाज की व्यवस्था कर रहे है ट्रक सीज हो गया है. ड्राइवर को पकड़ लिया गया है. ट्रक के नंबर प्लेट पर पेंट के बारे में जानकारी नहीं है. उसकी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी.  9 पुलिसकर्मी सुरक्षा में है वो क्यों साथ नही थे  इस पर एसपी उन्नाव को जांच के आदेश दिए हैं.

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एक्सीडेंट के समय कहां थे उन्नाव रेप पीड़िता को मिले यूपी पुलिस से 10 सुरक्षाकर्मी?

उन्नाव रेप पीड़िता का जब एक्सीडेंट हुआ तो उनके साथ सुरक्षाकर्मी नहीं थे

खास बातें

  1. रेप पीड़िता की कार का ट्रक ने मारी टक्कर
  2. चाची, मौसी सहित तीन की मौत
  3. पीड़िता गंभीर रूप से जख्मी
नई दिल्ली:

उन्नाव रेप केस पीड़िता के एक्सीडेंट और  के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह महज एक हादसा था. जिस ट्रक ने कार टक्कर में मारी है उसकी नंबर को काले रंग से पेंट कर दिया गया था. दूसरा आरोपी ड्राइवर जो पकड़ा गया है वह फतेहपुर का है. कुलदीप सिंह सेंगर मूलरूप से इसी जिले के रहने वाले हैं वह उन्नाव में अपनी ननिहाल में बसे हुए हैं. लेकिन एक जो सबसे बड़ा अंदेशा है वह यह कि पीड़ित परिवार को शासन की तरफ़ से 9 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा दी गई है लेकिन हादसे के दौरान उनके साथ एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं था. इस पर  लखनऊ के एडीजी राजीव कृष्णा का कहना है कि पीड़ित परिवार ने सुरक्षाकर्मियों को खुद ही साथ आने से मना कर दिया था. एडीजी राजीव कृष्णा ने कहा,  'रायबरेली जिले में एक्सीडेंट हुआ है दो महिलाओं को मौत हुई है दो घायल हैं. हम लोग बेहतर इलाज की व्यवस्था कर रहे है ट्रक सीज हो गया है. ड्राइवर को पकड़ लिया गया है. ट्रक के नंबर प्लेट पर पेंट के बारे में जानकारी नहीं है. उसकी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी.  9 पुलिसकर्मी सुरक्षा में है वो क्यों साथ नही थे  इस पर  एसपी उन्नाव को जांच के आदेश दिए हैं. हालांकि प्रथम दृष्टया पता चला है कि आज इन्होंने खुद ही सुरक्षा कर्मियों के लिए मना कर दिया था.' वहीं परिजनों के इस दुर्घटना को साजिश बताने के सवाल पर एडीजी ने कहा कि परिवारीजनों से बात करके इस बारे में कोई जानकारी देंगे. 

उन्नाव रेप पीड़िता के एक्सीडेंट के मामले की जांच CBI से हो : अखिलेश यादव


वहीं इस मसले पर  उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह  ने न्यूज एएनआई से बातचीत में कहा है कि प्रथम दृष्टया यह एक्सीडेंट का मामला लगता है. पुलिस इस मामले में गंभीरता से जांच कर रही है. पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी कराई जाएगी. जांच के लिए टीम का गठन किया गया है. इसके आगे डीजीपी ने कहा कि पीड़ित परिवार को सुरक्षा के लिए 10 पुलिसकर्मी दिए गए थे. जिसमें 7 गॉर्ड घर में तैयार किए गए थे और तीन गार्ड 24 घंटे इनके साथ रखे गए थे जिसमें 2 महिला और 1 पुरुष गार्ड है. डीजीपी ने सुरक्षा में कमी की बात को नकारते हुए कहा कि कल पीड़ित परिवार की ओर कहा गया कि घर में रहें क्योंकि उनको रास्ते में किसी और को भी लेना है इसलिए में सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि परिवार की ओर से हत्या की कोशिश की बात कही जा रही है अगर पीड़ित परिवार सीबीआई जांच की मांग करेगा तो हम तैयार हैं. हमने चश्मदीदों के बयान लिए हैं और ऐसा लग रहा है कि ट्रक की स्पीड बहुत ज्यादा थी.

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