'कॉफी विद कलेक्टर': प्लाज्मा डोनेशन को इस तरह बढ़ावा दे रहे हैं नोएडा के DM

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के प्रशासन ने यहां पर कोरोनावायरस के मरीजों की मदद के लिए प्लाज्मा डोनेशन करने वालों का हौसला बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसके लिए उत्साहित करने के लिए 'कॉफी विद कलेक्टर' नाम से एक इनीशिएटिव शुरू किया है.

'कॉफी विद कलेक्टर': प्लाज्मा डोनेशन को इस तरह बढ़ावा दे रहे हैं नोएडा के DM

प्लाज्मा डोनेशन को बढ़ावा देने के लिए DM सुहास एलवाई ने शुरू की इनीशिएटिव.

खास बातें

  • नोएडा में कॉफी विद कलेक्टर इनीशिएटिव
  • DM सुहास एलवाई ने शुरू की मुहिम
  • प्लाज्मा डोनर्स से कॉफी पर कर रहे हैं मुलाकात
नोएडा:

Noida Coronavirus Cases: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के प्रशासन ने यहां पर कोरोनावायरस के मरीजों की मदद के लिए प्लाज्मा डोनेशन (Plasma Donation) करने वालों का हौसला बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसके लिए उत्साहित करने के लिए 'कॉफी विद कलेक्टर' नाम से एक इनीशिएटिव शुरू किया है.

डीएम सुहास एलवाई ने कहा कि वो कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में खुद से आगे आकर प्लाज्मा डोनेट करने वाले डोनर्स को धन्यवाद करने की इस कोशिश में उनसे कॉफी या उनकी पसंद के पेय के साथ बातचीत करेंगे. प्रशासन ने प्लाज्मा डोनर्स के लिए उनकी मदद करने के लिए रास्ता आसान करने की कोशिश की है. जो भी प्लाज्मा डोनेट करना चाहता है, उसे अस्पताल जाने की जरूरत नहीं है, बल्कि वो एक कॉल कर सकते हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य कर्मचारी उनके घर आ सकते हैं.

जिला कलेक्टर ने बताया कि जो लोग कोरोनावायरस से पूरी तरह ठीक हो चुके हैं, वो प्लाज्मा डोनेट करने योग्य हैं और 7303488239 नंबर पर कॉल कर सकते हैं. इसके बाद ग्रेटर नोएडा के Government Institute of Medical Sciences (GIMS) के स्वास्थ्य कर्मचारी उनके घर आकर डोनेशन प्रोसेस करा सकते हैं.

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कॉफी विद कलेक्टर इनीशिएटिव के तहत डीएम ने छह प्लाज्मा डोनर्स, जिसमें दो डॉक्टर भी शामिल थे, उनसे मुलाकात की थी और उनसे कोविड-19 के खिलाफ उनकी लड़ाई में उनका अनुभव जाना था. उन्होंने बताया कि 'यह इनीशिएटिव ज्यादा से ज्यादा लोगों को डोनेशन करने के लिए प्रेरित करने और डोनर्स के प्रति कृतज्ञता जताने के लिए हैं. मैं कोरोनावायरस से ठीक हो चुके लोगों को प्लाज्मा डोनेशन के लिए आगे आने की अपील करता हूं ताकि ज्यादा से ज्यादा जानें बचाई जा सकें.'

इस इनीशिएटिव में सबसे पहले शामिल होने वाले सुशील कुमार, राम प्रताप, विनीत कुमार, राम कुमार और डॉक्टर विशाल अग्रवाल और रवि शर्मा थे. इस मुलाकात में चीफ मेडिकल ऑफिसर दीपक ओहरी, GIMS के डायरेक्टर ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) डॉक्टर राकेश गुप्ता, सीनियर डॉक्टर सुनील दोहरे और अन्य अधिकारी शामिल हुए थे.

बता दें कि "convalescent-plasma therapy" नाम से जानी जाने वाले इस इलाज के तरीके में बीमारी से ठीक हो चुके शख्स में बनी प्रतिरोधक क्षमता के इस्तेमाल से एक बीमार को ठीक करने में किया जाता है. इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च ने भी कोविड-19 के इलाज के लिए इस थेरेपी को मंजूरी दी है.

गौतमबुद्ध नगर में अब तक कोविड-19 के 12,010 केस दर्ज किए गए हैं. जहां, 10,261 लोग इस वायरस के संक्रमण से ठीक हो चुके हैं, वहीं 50 लोगों की मौत हुई है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, जिले में प्लाज्मा थेरेपी से अबतक 200 लोग ठीक हो चुके हैं.

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