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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज कुंभ में लगाई डुबकी, संगम पर पूजा-अर्चना की

संगम में आस्था की डुबकी लगाने के बाद गंगा पंडाल पहुंचे प्रधानमंत्री ने कहा, "आज जिन सफाईकर्मी भाइयों-बहनों के चरण धुलकर मैंने वंदना की है, वह पल मेरे साथ जीवनभर रहेगा.

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प्रयागराज:

प्रयागराज में चल रहे अर्द्धकुंभ में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूजा अर्चना की और संगम में डुबकी लगाई. इस मौके पर प्रधानमंत्री ने अर्द्धकुंभ के आयोजन में अच्छा काम करने वाले कर्मचारियों की भूमिका की तारीफ़ की और कई कर्मचारियों को सम्मानित किया. प्रधानमंत्री ने चार सफ़ाई कर्मचारियों के पैर भी धोए और उनका हालचाल जाना. संगम में आस्था की डुबकी लगाने के बाद गंगा पंडाल पहुंचे प्रधानमंत्री ने कहा, "आज जिन सफाईकर्मी भाइयों-बहनों के चरण धुलकर मैंने वंदना की है, वह पल मेरे साथ जीवनभर रहेगा. उनका आशीर्वाद, स्नेह, आप सभी का आशीर्वाद, आप सभी का स्नेह मुझपर ऐसे ही बना रहे, ऐसे ही मैं आपकी सेवा करता रहूं, यही मेरी कामना है." प्रधानमंत्री ने स्वच्छाग्रहियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा, "दिव्य कुम्भ को भव्य कुम्भ बनाने में आपने वाकई कोई कसर नहीं छोड़ी. जिस मेला क्षेत्र में 20,000 से अधिक कूड़ेदान हों, एक लाख से अधिक शौचालय हों, वहां मेरे सफाईकर्मी भाई बहनों ने किस तरह से काम किया है, उसका अंदाजा कोई नहीं लगा सकता."

मोदी ने कहा, "लेकिन यह उन्हीं का परिश्रम था कि इस बार कुम्भ की पहचान स्वच्छ कुम्भ के तौर पर हुई. आपके इस योगदान के लिए स्वच्छ सेवा सम्मान कोष की भी आज घोषणा की गई है. इस कोष से इस कुम्भ मेले में जिन्होंने काम किया है उनके और उनके परिवार को विशेष परिस्थितियों में मदद सुनिश्चित हो पाएगी. " प्रधानमंत्री ने कुम्भ मेले में श्रद्धालुओं को डूबने से बचाने के दौरान जान गंवाने वाले एनडीआरएफ के राजेंद्र गौतम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, "गौतम ने श्रद्धालुओं को बचाने के लिए अपनी जान को दांव पर लगा दिया. मैं उनके परिवार को भी संवेदना प्रकट करता हूं."


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मोदी ने मेले के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित उनके गंतव्यों तक पहुंचाने के लिए नाविकों की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि जिस जगह पर बीते पांच-छह हफ्ते में 20-22 करोड़ लोग जुटे हों वहां की अस्थाई व्यवस्था में सफाई करना बहुत बड़ी जिम्मेदारी थी. स्वच्छाग्रहियों ने यह साबित कर दिया है कि दुनिया में नामुमकिन कुछ भी नहीं है.

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प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर महात्मा गांधी को याद करते हुए कहा कि स्वच्छ कुम्भ ऐसे समय में हो रहा है जब देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहा है. गांधी जी करीब 100 वर्ष पहले जब हरिद्वार कुम्भ में गए थे तो उन्होंने स्वयं स्वच्छ कुम्भ की इच्छा जताई थी. देशवासियों के सहयोग से स्वच्छ भारत अभियान तय लक्ष्यों की ओर तेजी से बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि इस साल 2 अक्तूबर से पहले पूरा देश खुद को खुले में शौच से मुक्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. आप सभी स्वच्छाग्रही पूरे देश के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनकर सामने आएंगे. प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम में स्वच्छाग्रहियों के साथ ही सुरक्षाकर्मियों को भी सम्मानित किया.

इससे पहले प्रधानमंत्री ने संगम में स्नान किया और भगवा वस्त्र धारण कर विधि विधान से गंगा की पूजा और आरती की. प्रधानमंत्री ने 16 दिसंबर, 2018 को कुम्भ मेले का औपचारिक उद्घाटन किया था और अक्षयवट को आम जनता के दर्शन के लिए खोलने की घोषणा की थी. यह प्रधानमंत्री का दूसरी बार संगम क्षेत्र में आगमन है. गंगा पंडाल में आयोजित सम्मान समारोह में केंद्रीय मंत्री उमा भारती, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय भी उपस्थित थे.



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