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रायबरेली : सोनिया गांधी की लगाई रेल कोच फैक्टरी में 'मेक इन इंडिया' के दम पर पीएम मोदी आज करेंगे चुनावी शंखनाद

प्रधानमंत्री का यहां आना महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे यह संदेश जाएगा कि भारत उसके कारखानों में तैयार डिब्बों के निर्यात के लिए प्रतिस्पर्धी बाजार में उतर रहा है.'

रायबरेली : सोनिया गांधी की लगाई रेल कोच फैक्टरी में 'मेक इन इंडिया' के दम पर पीएम मोदी आज करेंगे चुनावी शंखनाद

पीएम मोदी का सुबह 10 बजे रायबरेली रेल कोच फैक्टरी पहुंचने का कार्यक्रम है

खास बातें

  • पीएम मोदी का रायबरेली दौरा
  • सोनिया गढ़ में पीएम मोदी
  • दे सकते हैं चुनावी तोहफा
नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रविवार को उत्तर प्रदेश के रायबरेली स्थित आधुनिक रेल डिब्बा कारखाने का दौरा करेंगे. उनका यह दौरा इस लिहाज से काफी अहम है कि भारत की उच्च गुणवत्ता के रेल डिब्बों के विनिर्माण और निर्यात बाजार पर नजर है. उल्लेखनीय है कि रेलवे ने कुछ महीने पहले ही प्रस्ताव दिया था कि वह ऐसे देशों के लिए बुलेट ट्रेन के डिब्बे बनाने और निर्यात करने को इच्छुक है, जो तेज रफ्तार गलियारे का निर्माण कर रहे हैं. इस कारखाने को लेकर पहले ही कई देश अपनी रूचि दिखा चुके हैं. कोरिया, जापान, जर्मनी, चीन और ताइवान के अधिकारी कारखाने का दौरा कर चुके हैं. रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि कई देश कम उत्पादन लागत की वजह से भारत का इस्तेमाल विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में कर सकते हैं. वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'माडर्न कोच फैक्टरी (एमसीएफ)' में पहली बार पूरे डिब्बे का विनिर्माण रोबोट द्वारा किया गया है.  एक किलोमीटर लंबी उत्पादन लाइन में रोबोट को समानांतर तौर पर काम में लगाया गया है, जहां वे डिब्बों पर कुछ-कुछ काम कर रहे हैं. वर्तमान में 70 रोबोट काम में लगे हुए हैं. यह पूरी तरह से 'मेक इन इंडिया' है.' प्रधानमंत्री के दौरे के बारे में अधिकारी ने कहा, 'यह हमारे लिए बहुत गर्व की बात है.'

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प्रधानमंत्री का यहां आना महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे यह संदेश जाएगा कि भारत उसके कारखानों में तैयार डिब्बों के निर्यात के लिए प्रतिस्पर्धी बाजार में उतर रहा है.' इसके अलावा प्रधानमंत्री 16 दिसंबर (रविवार) को ही राष्ट्रीय राजमार्ग 232 के पुनर्निर्मित 133 किलोमीटर लंबे रायबरेली मार्ग को राष्ट्र को समर्पित करेंगे. यह मार्ग बुंदेलखंड, चित्रकूट, लखनऊ और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है. 

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सोनिया के गढ़ में 'चुनावी शंखनाद'
लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा राजनीति के लिहाज से भी बहुत अहम है. उत्तर प्रदेश की इस लोकसभा सीट को गांधी परिवार और कांग्रेस का गढ़ कहा जाता है. यहां की सांसद यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी हैं और कभी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी इस क्षेत्र से चुनाव लड़ चुकी हैं. रायबरेली की ही जनता ने एक बार इंदिरा गांधी को हरा भी दिया था. उसके बाद से सिर्फ दो बार ही यह सीट कांग्रेस के खाते में नहीं आई. माना जा रहा है कि पीएम मोदी आज सोनिया गांधी के गढ़ से उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव का शखंनाद करेंगे. वहीं क्षेत्र की जनता को उम्मीद है कि वह इस दौरान किसी बड़ी योजना का ऐलान भी कर सकते हैं. 

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कैसे बनी थी रायबरेली में रेल कोच फैक्टरी
सोनिया गांधी के सांसद बनते ही उम्मीद की जा रही थी कि रायबरेली के हिस्से किसी बड़ी योजना आ सकती है. लेकिन इसके लिए जिले को यूपीए-2 सरकार का इंतजार करना पड़ा. जब केंद्र सरकार ने रायबरेली में रेल कोच फैक्टरी लगाने का ऐलान किया तो उत्तर प्रदेश में उस समय बीएसपी सुप्रीमो मायावती की सरकार थी और मामला जमीन अधिग्रहण को अटक गया. एक बार तो ऐसा लगा कि फैक्टरी लगने का सपना अधूरा ही रह जाएगा क्योंकि यूपी सरकार जमीन देने में आनाकानी कर रही थी. इससे क्षेत्र की आंदोलन पर उतर आई. आखिरकार यूपी सरकार ने फैक्टरी लगाने की हामी भर दी. इसके बाद रायबरेली-कानपुर मार्ग पर ऐहार ग्रामसभा के पास एक सरकारी फॉर्म हाउस, ऊसर  और आसपास के किसानों और लोगों की जमीन का अधिग्रहण कर फैक्टरी लगाई. जिन लोगों की जमीन अधिग्रहण किया गया उनके मुआवजा और रेलवे में नौकरी दी गई और इसके साथ ही क्षेत्र के अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के तमाम रास्ते खुले.  

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इनपुट : भाषा से भी