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रेप तक के मामलों में यूपी पुलिस करती है लीपापोती, एसपी के आदेश को भी नहीं मिलती तवज्जो

पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था. 28 मई को पीड़िता का पिता पुलिस अधीक्षक से मिला था और न्याय की गुहार लगाई थी.

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रेप तक के मामलों में यूपी पुलिस करती है लीपापोती, एसपी के आदेश को भी नहीं मिलती तवज्जो

प्रतीकात्मक फोटो

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर  के खागा कोतवाली इलाके में एक गांव में किशोरी संग दुष्कर्म किए जाने के मामले ने अब तूल पकड़ना शुरू कर दिया है. होली में गांव के ही एक युवक ने किशोरी संग दुष्कर्म कर दिया था जिससे वह गर्भवती हो गई थी. इस मामले में किशोरी के पिता ने 27 मई को कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने की तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था. 28 मई को पीड़िता का पिता पुलिस अधीक्षक से मिला था और न्याय की गुहार लगाई थी. इस पर एसपी ने प्रभारी निरीक्षक को मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश दिया था, लेकिन तीन दिन बीतने के बाद भी पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है. 

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पुलिस मुकदमा दर्ज न करके गांव के तमाम लोगों को पूछताछ के लिए प्रतिदिन थाने लाती है और छोड़ देती है. इस बात की शिकायत किशोरी के पिता ने रविवार को फिर एसपी से करके पुलिस की कार्यशैली की जहां शिकायत की है, वहीं मुकदमा दर्ज करके आरोपी को जेल भेजने की मांग की है. 

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पीड़िता के पिता ने पुलिस अधीक्षक से यह भी मांग की है कि घटना के मामले में गांव के किसी भी निर्दोष व्यक्ति का पुलिस द्वारा उत्पीड़न न किया जाए. आपको बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी कई केस सामने आ चुके हैं जहां थाने में बैठे पुलिस अधिकारी खुद ही जज बनकर मामले को रफदफा करते रहते हैं. ऐसे में महिलाओं की सुरक्षा कैसे होगी यह बड़ा सवाल पैदा हो गया है. 

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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