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'योगीराज' में पुलिसिया तांडव: बूढ़े रिक्शावाले को सरेआम घसीटा-मारे कोड़े, कांग्रेस ने चेताया

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'योगीराज' में पुलिसिया तांडव: बूढ़े रिक्शावाले को सरेआम घसीटा-मारे कोड़े, कांग्रेस ने चेताया

यूपी कांग्रेस के प्रमुख राज बब्बर द्वारा शेयर किए वीडियो से लिया गया ग्रैब.

खास बातें

  1. राज बब्बर ने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो शेयर किया
  2. वीडियो में एक पुलिस वाले की बर्बरता दिखाई दे रही है
  3. पुलिस वाले ने रिक्शावाले को उसके रिक्शे से नीचे घसीटा
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में जब से बीजेपी की सरकार बनी है और योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. तब से पार्टी से लेकर सरकार हर मौके पर राज्य की कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने की बात कहते चले आ रहे हैं.  जब से योगी सीएम बने हैं तब से आज तक जिस भी कार्यक्रम में शामिल हुए हैं एक ही संदेश उन्होंने राज्य की जनता को दिया है कि राज्य में कानून व्यवस्था का राज होगा और पुलिस वालों को सख्त हिदायत दी कि कानून के दायरे में रहते हुए काम करे.
 
raj babbar
(यूपी कांग्रेस अध्यक्ष राब बब्बर)

लेकिन, यूपी कांग्रेस प्रमुख राज बब्बर ने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो शेयर किया है जिसमें यह कहा है, 'यूपी की नई सरकार से ये मांग है कि इस तरह की हरकतें ना हों. ज़ुल्म और बेशर्मी की ऐसी मिसालों का जवाब जनता को देना आता है.'

 

दरअसल, वीडियो में एक पुलिस वाले की बर्बरता दिखाई दे रही है. लग रहा है कि वह पुलिस वाला जीआरपी से संबद्ध है. पुलिस वाले ने एक बूढ़े रिक्शावाला पर अपनी वर्दी की ताकत का बेजा इस्तेमाल कर रहा है. पुलिस वाले ने रिक्शावाले को उसके रिक्शे से नीचे घसीटा और फिर घसीटता हुआ चौकी के भीतर ले जाता है. इस दौराव रिक्शा वाला गिर जाता है. लेकिन पुलिस वाले को कोई तरस नहीं आता है. वह अपनी वर्दी के नशे में उसे घसीटता है और फिर कॉलर से पकड़कर उसे चौकी के भीतर ले गया.

यहां तक कानून की कैसी धज्जियां उड़ीं उससे भी आगे जाकर पुलिस वाले ने बर्बरता की हदें पार कर दी जब वह चौकी के भीतर सोटे से उस गरीब बूढ़े रिक्शावाला को बेल्ट या कोड़ा मारने लगता है. आश्चर्च की बात यह है कि जब वह पुलिसवाला इस घटना को अंजाम दे रहा था तब कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी थे जो केवल इस बात पर ध्यान दे रहे थे कि लोग वीडियो न बना पाएं. इतना ही नहीं कोई उस पर कोई कार्रवाई का आश्वासन तक नहीं दे रहा है. किसी गरीब की ऐसी हालत होती रही और बाकी पुलिस वालों का ऐसा व्यवहार आम जनता के लिए शर्मनाक है. लोगों का कहना है कि पुलिसिया तांडव को कौन रोकेगा. इतने पुलिस वालों में एक भी पुलिसवाला मानवीय संवेदनाओं के साथ अपने कर्तव्य का पालन नहीं कर सकता था. 
 


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