NDTV Khabar

UP सरकार ने SC में दाखिल किया ताजमहल विज़न डॉक्यूमेंट का ड्राफ्ट, कहा- नो-प्लास्टिक जोन घोषित किया जाना चाहिए

सुप्रीम कोर्ट में ताजमहल के संरक्षण मामले की सुनवाई के दौरान उत्तर-प्रदेश सरकार ने ड्राफ्ट विज़न डॉक्यूमेंट दाखिल किया. सरकार ने कोर्ट से कहा कि ताज महल और उसके आसपास के क्षेत्र को नो-प्लास्टिक जोन घोषित किया जाना चाहिए.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
UP सरकार ने SC में दाखिल किया ताजमहल विज़न डॉक्यूमेंट का ड्राफ्ट, कहा- नो-प्लास्टिक जोन घोषित किया जाना चाहिए

ताजमहल की फाइल फोटो

खास बातें

  1. उत्तर-प्रदेश सरकार ने ड्राफ्ट विज़न डॉक्यूमेंट दाखिल किया
  2. ताजमहल के आसपास के क्षेत्र को नो-प्लास्टिक जोन घोषित किया जाना चाहिए
  3. क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाले सभी उद्योगों को बंद कर देना चाहिए
नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट में ताजमहल के संरक्षण मामले की सुनवाई के दौरान उत्तर-प्रदेश सरकार ने ड्राफ्ट विज़न डॉक्यूमेंट दाखिल किया. उत्‍तर प्रदेश सरकार ने कोर्ट से कहा कि ताज महल और उसके आसपास के क्षेत्र को नो-प्लास्टिक जोन घोषित किया जाना चाहिए, बोतलबंद पानी के इस्तेमाल पर भी रोक होनी चाहिए. यूपी सरकार का कहना है कि क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाले सभी उद्योगों को बंद कर देना चाहिए और पर्यटन हब बनाने चाहिए.  यूपी सरकार ने कोर्ट से कहा कि ताज हेरिटेज क्षेत्र में पैदल यात्रा को बढ़ावा देने के लिए विस्तृत यातायात प्रबंधन योजना की जरूरत. यमुना नदी के किनारे योजनाबद्ध तरीके से सड़कों का निर्माण हो ताकि यातायात सीमित रहे और पदयात्रा को बढ़ावा मिले. यमुना के डूबक्षेत्र में कोई निर्माण कार्य नहीं होना चाहिए, नदी तट पर सिर्फ प्राकृतिक पेड़- पौधे होने चाहिए. 

आपको बता दें कि पिछली सुनवाई के दौरान ताजमहल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर जमकर फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा था कि ताज को सरंक्षण दो या बंद कर दो या ध्वस्त कर दो. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एफ़िल टॉवर को देखने 80 मिलियन लोग आते है, जबकि ताजमहल के लिए मिलियन. आप लोग ताजमहल को लेकर गंभीर नहीं है और न ही आपको इसकी परवाह है. हमारा ताज ज्यादा खूबसूरत है और आप टूरिस्ट को लेकर गंभीर नहीं है. ये देश का नुकसान है, ताजमहल को लेकर घोर उदासीनता है.


ताज महल में बाहरी लोगों को नमाज पढ़ने की इजाजत देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर ध्‍यान रखा जाता तो हमारी विदेशी मुद्रा की दिक्कत दूर हो जाती. सुप्रीम कोर्ट ने फिर सवाल उठाया कि टीटीजेड (ताज ट्रैपेज़ियम जोन) एरिया में उद्योग लगाने के लिए लोग आवेदन कर रहे है और उनके आवेदन पर विचार हो रहा है. ये आदेशों का उल्लंघन है. सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा पीएचडी चेंबर्स को कहा है कि जो इंड्रस्‍टी चल रही है उसको क्यों ना आप खुद बंद करें. तब टीटीजेड की तरफ से कहा गया कि वो अब टीटीजेड में कोई नई फैक्ट्री खोलने आई इजाजत नहीं देंगे.

यूपी के आगरा में कुत्‍ते के ऊपर बना दी सड़क और फिर...

टिप्पणियां

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि टीटीजेड ने कुछ नई फैक्ट्रियों के आवेदन पर विचार कर रही है. सुप्रीम कोर्ट ने टीटीजेड के चेयरमैन को नॉटिस जारी किया. टीटीजेड के प्रमुख को सुप्रीम कोर्ट में तलब किया. वहीं केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि MOEF ने एक कमिटी का गठन किया है, जो ये देखेगी प्रदूषण को देखेगी कि ताजमहल कितना और किन वजहों से प्रदूषित हुआ है. केंद्र सरकार ने ये भी कहा कि ताजमहल के आस पास के इलाकों का भी मुआयना करेगी प्रदूषण को लेकर. कमेटी की रिपोर्ट 4 महीने के भीतर आ जाएगी इसके बाद ये तय किया जाएगा कि क्या किसी विदेशी एक्सपर्ट को कमिटी में शामिल करने की जरूरत है या नहीं.

VIDEO: पीला पड़ता ताजमहल का संगमरमर
 


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान प्रत्येक संसदीय सीट से जुड़ी ताज़ातरीन ख़बरों (Election News in Hindi), LIVE अपडेट तथा इलेक्शन रिजल्ट (Election Results) के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement