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फर्रुखाबाद जेल में कैदियों का उपद्रव, जेलर सस्पेंड, 6 बंदी रक्षकों को हटाया गया

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फर्रुखाबाद जेल में कैदियों का उपद्रव, जेलर सस्पेंड, 6 बंदी रक्षकों को हटाया गया

बंदियों ने अपने बीमार साथी को बेहतर इलाज न मिल पाने पर जमकर बवाल काटा.

खास बातें

  1. ज़िला जेल में कैदियों ने रविवार को जमकर हंगामा किया
  2. जेल के अंदर कुछ जगहों पर आग लगा दी, जमकर पत्थरबाज़ी की
  3. कैदियों का आरोप है कि जेल में उनके साथ कैदी का इलाज नहीं किया गया
लखनऊ: फर्रुखाबाद जिला जेल में रविवार सुबह बंदियों ने अपने बीमार साथी को बेहतर इलाज न मिल पाने पर जमकर बवाल काटा.कुछ कैदी ईंट-पत्थर लेकर जेल की छत पर चढ़ गए. उन्होंने जेल के अंदर कुछ जगहों पर आग भी लगा दी. बताया जा रहा है कि इस दौरान पत्थरबाज़ी में कार्रवाहक डीएम एनपी पांडे और जेल सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार को सिर में चोटें आई हैं. कैदियों का आरोप है कि जेल में उनके साथ कैदी का इलाज नहीं किया गया, वहीं जेल में खराब खाने को लेकर भी कैदी नाराज़ हैं. इस घटना के बाद न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, फर्रुखाबाद जेलर डीके सिंह को निलंबित कर दिया गया है. छह अन्य सुरक्षा गार्ड को हटा दिया गया है. डॉक्टर नीरज कुमार का तबादला कर दिया गया है. डीआईजी जेल 15 दिनों के अंदर रिपोर्ट दाखिल करेंगे.

फर्रूखाबाद की जिला जेल मे सुवह से बंदियों व जेल प्रशासन के बीज बिबाद चल रहा है. दो सौ अधिक बंदी जिला जेल में छतों पर ईट पत्थर लेकर चढ़े. और यह बराबर रुक-रुककर पथराव कर रहे हैं.  इन लोगों ने जेल के अन्दर कुछ जगहों पर आग लगा दी थी. पथराव में जेलर के सिर पर पत्थर लगा जिससे यह गंभीर रूप से घायल हो गए. इनको इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया एक कैदी के भी सिर मे चोट लगी हुई है. पटटी बांधे हुए जेल से बाहर लाया गया. उसको भी एंबूलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया है. जब मामला नियंत्रण से बाहर हो गया तो जिला प्रशासन कई थानों की फोर्स के साथ अंदर पहुंचा.

सीडीओ एन के पांडेय मौके पर पहुंचे. जब इन्होंने बंदियां से वार्ता करनी चाही तो बंदियों ने फिर से पथराव कर दिया और सीडीओ भी घायल हो गए. इनके पैर में पत्थर लगा. बाहर निकल आए जेल प्रशासन की बात करें तो उनके पास सिर पर लगाने को हैलमेट थे, न बॉडी प्रोटेक्टर. वह अपने आप को बचाने के लिए दीवारों के पास छिपे दिखाइ दिए. 

खबरों के मुताबिक, एक बीमार बंदी को लोहिया अस्पताल रेफर करने के बजाय अस्पताल जेल ले जाने पर कैदियों में गुस्सा फैल गया. गुस्साए कैदियों ने विरोध शुरू कर दिया और छतों पर चढ़कर नारेबाजी शुरू कर दी. करीब साढ़े नौ बजे पुलिस पहुंची तो बंदी और भड़क गए, उन्होंने पथराव करके पुलिस को जेल में घुसने से रोक कर दिया. बवाल बढ़ने पर एडीएम, एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट व अन्य अधिकारी जेल पहुंच गए.

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, राजेपुर क्षेत्र का कैदी अतुल के चलते ये पूरा विवाद हुआ है. अतुल धारा 302 और 376 का मुल्जिम है. काफी दिनों से जेल के अस्पताल में भर्ती था. जेल के डॉक्टर नीरज कुमार ने शनिवार को तबियत सही होने के कारण उसे डिस्चार्ज कर दिया. वहीं, अतुल ने डिस्चार्ज किए जाने का विरोध किया. विवाद इतना बढ़ा कि कैदी अतुल ने सिपाही से मारपीट कर दी. इसके बाद जब जेल प्रशासन ने सख्ती की तो कैदी एकजुट हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. कैदिया ने जेल के गेट नंबर 2 पर आग लगा दी. जब जेल प्रशासन जैसे-तैसे अंदर घुसा तो कैदियों ने उन पर पथराव शुरू कर दिया. जेल अधीक्षक आर के शर्मा सहित कई अधिकारी पत्थर लगने से घायल हो गए. इनको राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया.


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