3 या 5 अगस्त को हो सकता है राम मंदिर का भूमि पूजन, पीएम मोदी कर सकते हैं दौरा: सूत्र

कोरोना वायरस (Corona Virus) के बढ़ते प्रकोप के बीच उत्तर प्रदेश के अयोध्या में आज राम जन्म भूमि ट्रस्ट (Ram Temple Bhumi Trust) की बैठक होगी.

3 या 5 अगस्त को हो सकता है राम मंदिर का भूमि पूजन, पीएम मोदी कर सकते हैं दौरा: सूत्र

लखनऊ:

कोरोना वायरस (Corona Virus) के बढ़ते प्रकोप के बीच उत्तर प्रदेश के अयोध्या में आज राम जन्म भूमि ट्रस्ट (Ram Temple Bhumi Trust) की बैठक होगी. जहां सभी सदस्य मंदिर निर्माण की शुरुआत के लिए संभावित तारीख पर विचार विमर्श कर सकते हैं. Covid-19 महामारी के चलते इसके निर्माण कार्य में पहले ही खासा विलंब हो चुका है. सूत्रों के अनुसार, अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट के लोग चाहते हैं कि पीएम मोदी 3 या 5 अगस्त को मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन कर दें. पीएम मोदी (PM Modi) द्वारा भूमि पूजन के बाद निर्माण कार्य की शुरुआत हो जाएगी. ट्रस्ट के लोगों की राय है कि कोरोना के बेतहाशा बढ़ते हुए मामलों के मद्देनजर भूमि पूजन का कार्यक्रम थोड़े लोगों की मौजूदगी में कराया जाए. ट्रस्ट के लोगों की राय है कि वहां राम लला के मंदिर के अलावा मंदिर परिसर के चारों कोनों पर माता सीता, लक्ष्मण,भरत और गणेश जी के चार छोटे मंदिर बना दिए जाएं. 

आज की बैठक में 12 सदस्य शामिल होंगे जबकि 3 बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग में हिस्सा लेंगे. अयोध्या के सर्किट हाउस में होने वाली बैठक में ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपालदास, महासचिव चंपत राय, राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र, निर्मोही अखाड़ा के महंत दीनेन्द्र दास, अयोध्या के राजा  विमलेंद्र मोहन मिश्र, ट्रस्ट के  कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी, अयोध्या के DM अनुज झा, अवनीश अवस्थी अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश के अपर सचिव गृह ज्ञानेश कुमार शामिल होंगे, जबकि ट्रस्ट के तीन सदस्य जगतगुरु वासुदेवानन्द सरस्वती, स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ महाराज और
 के परासरन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए मीटिंग में शामिल होंगे. 

बता दें कि पिछले कुछ महीनों में अयोध्या मंदिर परिसर के लिए दिए 67 एकड़ जमीन को समतल कर दिया गया है ताकि इस पर काम की शुरुआत की जा सके. इसके अलावा  बैठक में मंदिर की रुप रेखा को लेकर भी की जा सकती है. सूत्रों का कहना है कि विश्व हिंदू परिषद ने सबकी राय के अनुकूल पहले ही इसका डिजाइन तैयार कर लिया है. इस बैठक में मंदिर निर्माण की समय सीमा को लेकर भी चर्चा की जा सकती है. 


बताते चलें कि उत्तर प्रदेश में 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं और इसमें दो साल से भी कम का वक्त बचा है. अपने अब तक के कार्यकाल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार अयोध्या का दौरा करते रहे हैं. ऐसे में इस बात की प्रबल संभावना है कि बीजेपी के चुनावी अभियान में राम मंदिर प्रमुख मुद्दा रहने की भी उम्मीद है. योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद से अयोध्या में करोड़ों की लागत की योजनाओं को मंजूदी दी जा चुकी है. जिसमें कई मूर्तियों और धार्मिक स्थलों का विकास भी शामिल है. 

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Video: अयोध्या में खुले राम मंदिर के द्वार