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फर्जी NOC बांटने और भ्रष्टाचार के मामले में SFO और फायर वेंडर गिरफ्तार

21 सितंबर को अपनी जांच रिपोर्ट में सीओ प्रथम ने कहा कि पूछताछ में एफएसओ कुलदीप कुमार और अरविंद गुप्ता ने स्वीकार किया कि ऑडियो में उनकी ही आवाज है.

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फर्जी NOC बांटने और भ्रष्टाचार के मामले में SFO और फायर वेंडर गिरफ्तार

खास बातें

  1. प्रथदृष्टया सही पाए गए आरोप
  2. 450 से अधिक एनओसी किए प्राप्त
  3. थाना सेक्टर-20 में दर्ज हुईं सात एफआईआर
नई दिल्ली:

उत्तर प्रदेश के शो-विंडो नोएडा में पुलिस ने फायर एनओसी के लिए काम कर रहे संगठित गिरोह का सनसनीखेज खुलासा किया है. इस मामले में रविवार को फायर स्टेशन फेज-एक के एफएसओ कुलदीप कुमार और एक फायर वेंडर को गिरफ्तार किया गया है. अब तक की जांच में कुल सात संगठित गिरोह का नाम सामने आया है. इन गिरोह के लोगों ने फर्जीवाड़ा कर अब तक 450 से अधिक एनओसी प्राप्त किए हैं. इनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है. शीघ्र ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

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सेक्टर-14ए स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि सोशल मीडिया पर दो व्यक्तियों के बीच एनओसी के लिए पैसे के लेनदेन की बात हो रही थी. इस बाबत मुख्य अग्रिशमन अधिकारी अरुण कुमार सिंह  ने उन्हें पत्र भेजकर संभावना जताई थी कि ऑडियो में एफएसओ कुलदीप कुमार और फायर वेंडर अरविंद गुप्ता की है. सीएफओ के अनुरोध पर इस मामले की जांच सीओ प्रथम श्वेताभ पांडेय से कराई गई. 21 सितंबर को अपनी जांच रिपोर्ट में सीओ प्रथम ने कहा कि पूछताछ में एफएसओ कुलदीप कुमार और अरविंद गुप्ता ने स्वीकार किया कि ऑडियो में उनकी ही आवाज है. उसमें पैसे के लेनदेन की जो बातचीत हो रही है, वह मई माह की है.


एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि जांच में कुलदीप कुमार और अरविंद गुप्ता पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप प्रथमदृष्टया सही पाए गए. सीओ थर्ड विमल कुमार ने एफएसओ कुलदीप कुमार और फायर वेंडर अरविंद गुप्ता के खिलाफ थाना सेक्टर-20 में एफआईआर दर्ज कराई. उसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया.

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एसएसपी ने बताया कि सीएफओ अरुण कुमार सिंह  ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पिछले डेढ़ साल से एनओसी के एवज में अवैध वसूली के लिए सात अलग-अलग संगठित गिरोह काम कर रहे हैं. गिरोह ने अपने और अपने सहयोगियों के नाम पर विभिन्न भवनों, विद्यालयों, अस्पतालों, उद्योगों के फायर डिपार्टमेंट से धोखाधड़ी कर 450 से अधिक एनओसी प्राप्त की गई है. इस बाबत थाना सेक्टर-20 में सात एफआईआर दर्ज कराई गई है. इनमें अनिल शर्मा, मनिराम डांडरियाल, देविका, देविका देसाई, जितेंद्र मोनी, जितेंद्र कुमार गौड़, एमएसपीएल, अरविंद कुमार गुप्ता, अरविंद गुप्ता, विशाल ढिंगरा, मुकेश गुप्ता, इंद्र कुमार मनी और गुरप्रीत शामिल हैं.



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