NDTV Khabar

जब फिल्मी अंदाज में बोले शिवपाल - मुलायम जहां खड़े हो जाते हैं, वहीं से होती है सपा की शुरुआत

रस्तावित समाजवादी धर्मनिरपेक्ष मोर्चा का नेतृत्व मुलायम सिंह यादव द्वारा करने का ऐलान करने वाले उनके भाई सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने रविवार को कहा कि जहां मुलायम खड़े हो जाते हैं, वहीं से समाजवादी पार्टी की शुरूआत होती है. शिवपाल की यह टिप्पणी अमिताभ बच्चन की मशहूर फिल्म 'कालिया' के डॉयलाग से मिलती जुलती है, अमिताभ ने फिल्म में कहा था, "हम जहां खड़े हो जाते हैं, लाइन वहीं से शुरू होती है."

1203 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
जब फिल्मी अंदाज में बोले शिवपाल - मुलायम जहां खड़े हो जाते हैं, वहीं से होती है सपा की शुरुआत

शिवपाल चाहते हैं कि मुलायम सिंह पार्टी के मुखिया फिर से बनें.

खास बातें

  1. शिवपाल की यह टिप्पणी फिल्म 'कालिया' के डायलाग से मिलती-जुलती है
  2. शिवपाल चाहते हैं कि मुलायम पार्टी के मुखिया फिर से बनें
  3. फिलहाल सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव हैं, पिता से पार्टी की कमान छीनी थी
लखनऊ: प्रस्तावित समाजवादी धर्मनिरपेक्ष मोर्चा का नेतृत्व मुलायम सिंह यादव द्वारा करने का ऐलान करने वाले उनके भाई सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने रविवार को कहा कि जहां मुलायम खड़े हो जाते हैं, वहीं से समाजवादी पार्टी की शुरूआत होती है. शिवपाल की यह टिप्पणी अमिताभ बच्चन की मशहूर फिल्म 'कालिया' के डॉयलाग से मिलती जुलती है, अमिताभ ने फिल्म में कहा था, "हम जहां खड़े हो जाते हैं, लाइन वहीं से शुरू होती है."  इसी तर्ज पर शिवपाल ने ट्वीट कर कहा, "जहां नेताजी (मुलायम) खड़े हो जाते हैं, वहीं से समाजवादी पार्टी की शुरूआत होती है." 

मोर्चा बनाने के शिवपाल के प्रयास को मुलायम परिवार में शिवपाल के नेतृत्व वाले गुट को पार्टी में पुन:स्थापित करने की कोशिश माना जा रहा है. वह चाहते हैं कि मुलायम पार्टी के मुखिया फिर से बनें. फिलहाल सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव हैं, जिन्होंने पिता से पार्टी की कमान छीन ली थी.

विधानसभा चुनाव में सपा के खराब प्रदर्शन के बाद से ही शिवपाल मांग कर रहे हैं कि अखिलेश पद से हटें और पार्टी की बागडोर मुलायम के हाथ में दें. मुलायम ने ही 1992 में सपा का गठन किया था. शिवपाल ने कहा, "उन्होंने (मुलायम) धर्म निरपेक्षता के लिए जिन्दगी और कई सरकारें दांव पर लगा दीं इसलिए हम नेताजी के साथ खड़े हैं और खड़े रहेंगे."  मुलायम ने भी मैनपुरी में कहा कि सपा को मजबूत करने के प्रयास होने चाहिए. सपा के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के लिए मुलायम ने कांग्रेस के साथ गठबंधन को जिम्मेदार ठहराया.

मुलायम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उनके जीवन को बर्बाद करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी थी और उनके बेटे अखिलेश ने कांग्रेस से ही गठजोड़ कर लिया. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "कांग्रेस के साथ गठबंधन ही पार्टी की मौजूदा खराब स्थिति के लिए जिम्मेदार है. मैंने अखिलेश को सलाह दी थी कि वह ऐसा ना करे लेकिन उसने किया. सपा अपनी हार के लिए खुद जिम्मेदार है ना कि प्रदेश की जनता." मुलायम पहले भी हार के लिए अखिलेश को जिम्मेदार ठहरा चुके हैं. उन्होंने कहा था कि उनके बेटे ने उनका अपमान किया. साथ ही बोले कि मतदाताओं ने महसूस किया कि जो अपने पिता का नहीं है वह किसी और का विश्वासपात्र नहीं हो सकता.

उधर, जसवंत नगर विधानसभा सीट पर चुनाव जीते शिवपाल ने धमकी दी है कि यदि अखिलेश ने मुलायम को पार्टी की कमान नहीं सौंपी तो वह धर्म निरपेक्ष मोर्चे का गठन करेंगे. रामगोपाल यादव को ‘शकुनि’ बताने के शिवपाल के बयान पर मुलायम ने कहा कि शिवपाल ने जो कहा सही है. शिवपाल को हराने के प्रयास किये गये. इसके लिए धन भी खर्च किया गया. रामगोपाल भी कह चुके हैं कि शिवपाल को अखिलेश का इस्तीफा मांगने से पहले पार्टी का संविधान पढना चाहिए. अखिलेश किसी भी स्थिति में इस्तीफा नहीं देंगे और सपा की कमान मुलायम को सौंपने का कोई प्रश्न नहीं है.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement