क्या फिर साथ आ सकते हैं SP और शिवपाल यादव? अखिलेश यादव के इस संकेत से अकटलें तेज

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने शुक्रवार को अपने चाचा और जसवंतनगर से पार्टी विधायक शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की याचिका वापस लेने के संकेत दिये.

क्या फिर साथ आ सकते हैं SP और शिवपाल यादव? अखिलेश यादव के इस संकेत से अकटलें तेज

शिवपाल सिंह यादव (फाइल फोटो)

खास बातें

  • अखिलेश यादव ने अर्जी वापस लेने के दिये संकेत
  • कहा, पार्टी के दरवाजे सबके लिए खुले हैं
  • सपा ने शिवपाल की सदस्यता समाप्त करने के लिए दी है अर्जी
लखनऊ:

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने शुक्रवार को अपने चाचा और जसवंतनगर से पार्टी विधायक शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की याचिका वापस लेने के संकेत दिये. अखिलेश ने यहां प्रेस कांफ्रेंस में पूर्व में पार्टी से बगावत करने वाले तत्कालीन राज्यसभा सदस्य अमर सिंह और विधायक नितिन अग्रवाल की सदस्यता समाप्त करने की याचिका नहीं दिये जाने सम्बन्धी सवाल पर कहा, ''हम सबकी सिफारिश वापस ले लेंगे...संतुष्ट! आप कह रहे हैं कि हमने उनके खिलाफ नहीं किया, तो हम सबकी वापस ले लेंगे.'' अखिलेश ने एक अन्य सवाल पर कहा कि उनकी पार्टी के दरवाजे सबके लिये खुले हैं.

शिवपाल सिंह यादव का ऐलान, कहा- अगर मेरी सदस्यता रद्द हुई तो दोबारा...

जो आना चाहे, हम उसे आंख बंद करके पार्टी में शामिल कर लेंगे. विधानसभा में सपा और विपक्ष के नेता राम गोविंद चौधरी ने गत चार सितम्बर को शिवपाल की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की अर्जी दी थी. जसवंत नगर सीट से सपा विधायक शिवपाल यादव ने अखिलेश से तल्खी के बाद सपा से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का गठन किया था और पिछले लोकसभा चुनाव में सपा के खिलाफ कई जगह प्रत्याशी भी उतारे थे. हालांकि उन्हें कोई सफलता नहीं मिली थी.  आपको बता दें कि इससे पहले प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा था कि अगर उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म होती है तो वे जसवंत नगर सीट से दोबारा चुनाव लड़ेंगे.  

सपा ने शिवपाल यादव की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की दी अर्जी, कहा- मजबूरन कदम उठाना पड़ा

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल ने सैफई में अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता के दौरान साफ किया था कि "यदि चुनाव होता है तो मैं जसवंतनगर सीट से ही चुनाव लड़ूंगा. जसवंतनगर मेरा गढ़ है और वहां से उनके खिलाफ चुनाव लड़ने वालों की जमानत जब्त होगी. जसवंतनगर से मुझे कोई अभी तक चुनाव नहीं हरा पाया, क्योंकि यहां की जनता हमारे साथ है." (भाषा से इनपुट के साथ)

Video: गठबंधन तोड़कर क्या बीएसपी खुद को तौलना चाहती है?



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)