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Surgical Strike 2 : कार्रवाई पर पुलवामा के शहीदों के परिवारों में खुशी, जानिए- क्या कहा

जवानों की शहादत का बदला लिए जाने पर पुलवामा में शहीद हुए सीआरपीएफ कर्मियों के परिवारों ने संतोष जताया

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लखनऊ:

पाकिस्तान में भारतीय वायुसेना द्वारा आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए जाने पर पुलवामा में शहीद हुए जवानों के परिवारों में खुशी है. अब उन्हें लग रहा है कि जवानों की शहादत का बदला लिया जा रहा है.

देवरिया के विजय मौर्या ने पुलवामा से बस से गुज़रने के दौरान पत्नी से फोन करके लंबी बात की थी और जल्द वापस आने का वादा किया था. लेकिन थोड़ी देर बाद ही धमाके में बस के चीथड़े उड़ गए. उनकी पत्नी दहशतगर्दों के लिए नफ़रत से भारी हैं.

शहीद विजय कुमार मौर्या की पत्नी विजय लक्ष्मी ने NDTV से कहा कि 'हमको बहुत खुशी है..सबको मार दिया जाए…जितने पाकिस्तानी हैं सबको मारा जाए.' उन्होंने सेना की कार्रवाई पर संतोष जाहिर किया. जब उनसे पूछा गया कि क्या युद्ध होना चाहिए? उन्होंने कहा कि 'एकदम होना चाहिए. सबको चुन-चुन कर मारना चाहिए.मैं बहुत खुश हूं.'


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उन्नाव के अजीत आजाद भी बस चंद दिनों पहले ही छुट्टी गुजारकर कश्मीर पहुंचे थे. बीवी की याद आई तो उन्होंने भी पुलवामा में बस से उसे फोन कर बात की थी और उसे वैष्णव देवी के दर्शन कराने के लिए कहा था. लेकिन उनके वादे के बीच मौत आ गई. उनकी पत्नी मीना ने कहा कि 'पूरा आतंकवाद, मतलब जड़ से पाकिस्तान को उखाड़ फेंका जाए. हम तो यही चाहते हैं. क्योंकि जब तक वे लोग रहेंगे, यही करते रहेंगे. न कभी सुधरे हैं, न कभी सुधरेंगे.'

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अजीत के पिता प्यारेलाल को लगता है कि अगर ऐसी सख्त कार्रवाई पहले हुई होती तो शायद उनका बेटा जिंदा होता. उन्होंने कहा कि 'बहुत से शहीदों की माताओं की गोदें सूनी हो गई हैं. बहुत सी पत्नियां विधवा हो गईं हैं, बेटे अनाथ हो गए हैं. सरकार ने अगर 15 तारीख के पहले ऐसी व्यवस्था की होती तो उनको शहीद होने से बचाया जा सकता था.'

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चंदौली में शहीद अवधेश का परिवार खुश है कि अगर आतंकवादियों से सख्ती से निपटा गया तो शायद और जवान उनकी भेंट चढ़ने से बच जाएं. अवधेश के पिता हरिकेश यादव का कहना है कि 'जो हमला हुआ तो इससे हम लोग बहुत खुश हुए. सैनिकों पर गर्व है. जो लोग शहीद हुए हैं, वे उनका बदला ले रहे हैं. इसी तरह बदला लेते रहें. हम लोगों को तभी शांति मिलेगी. जब वे (आतंकी) जड़ से खत्म हो जाएंगे.



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