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ताजमहल असल में भगवान शिव का मंदिर 'तेजो महल' है : विनय कटियार

विनय कटियार ने कहा, 'ताजमहल हिन्दू मंदिर है. जिसको तेजो महल कहा जाता था. इतिहासकार पीएन ओक की एक किताब भी ऐसा ही कहती है.

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ताजमहल असल में भगवान शिव का मंदिर 'तेजो महल' है : विनय कटियार

भाजपा नेता विनय कटियार. (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. कटियार बोले, 'तेजो महल' को शाहजहां ने मकबरे में तब्दील कर दिया
  2. उन्होंने कहा, इतिहासकार पीएन ओक की एक किताब भी यही कहती है
  3. उन्होंने कहा कि अयोध्या में दीवाली सियासी मायने नहीं निकाले जाने चाहिए
लखनऊ: विश्व धरोहर ताजमहल को लेकर जारी बयानबाजी को नया मोड़ देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने कहा कि ताजमहल भगवान शिव का मंदिर 'तेजो महल' है, जिसे शाहजहां ने मकबरे में तब्दील कर दिया. कटियार ने कहा, 'ताजमहल हिन्दू मंदिर है. जिसको तेजो महल कहा जाता था. इतिहासकार पीएन  ओक की एक किताब भी ऐसा ही कहती है. शाहजहां ने इसमें अपनी पत्नी को दफनाने के बाद इसे एक मकबरे में बदल लिया था. 

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राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे कटियार ने कहा कि 'तेजो महल' को हिन्दू राजाओं ने बनवाया था. उसका स्थापत्य और शिल्प देखकर लगता है कि वह हिन्दू धर्म से जुड़ी कोई इमारत थी. भाजपा से राज्यसभा सदस्य ने दलील देते हुए कहा कि शिव मंदिर की तरह ताजमहल की छत से भी पानी टपकता है. ऐसा किसी मकबरे में नहीं होता. तेजो महल एक मशहूर इमारत थी, जिसे शाहजहां ने हथिया लिया था.

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हालांकि, कटियार ने यह भी कहा कि वह नहीं चाहते कि दुनिया के सात आश्चर्यों में शामिल किये जाने वाले ताजमहल को ढहाया जाए. साथ ही उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ताजमहल देखने जाने के कार्यक्रम से कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने कहा, 'तेजो महल हमारा मंदिर था, जिसे मकबरा बना दिया गया. लेकिन यह भव्य इमारत एक राष्ट्रीय धरोहर है. पर्यटक इसे देखने आते हैं, लिहाजा इसे सुरक्षित रखा जाना चाहिए.'

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VIDEO: राममंदिर के लिए जेल जाना पड़ा तो जाएंगे : विनय कटियार

अयोध्या की दीवाली के सियासी मायने नहीं निकालें
कटियार ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अयोध्या में भव्य दीपावली कार्यक्रम आयोजित किए जाने के सियासी मायने नहीं निकाले जाने चाहिएं. सरकार का उद्देश्य अयोध्या का विकास करना है. आज के कार्यक्रम में यह कोशिश की जाएगी कि भगवान राम के वनवास से लौटने के बाद मनाए गए जश्न का दृश्य पुनर्जीवित हो. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने उम्मीद जतायी कि एक साल के अंदर इस बारे में उच्चतम न्यायालय का निर्णय आ जाएगा.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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