ऐसा लगता है कि व्यवस्था ने श्रमिकों को त्याग दिया है : प्रियंका गांधी

प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, ‘देश की सड़कों पर त्राहिमाम की स्थिति है. महानगरों से मजदूर भूखे प्यासे, पैदल अपने छोटे छोटे बच्चों और परिवार को लेकर चले जा रहे हैं. ऐसा लगता है जैसे व्यवस्था ने इनको त्याग दिया हो.’ 

ऐसा लगता है कि व्यवस्था ने श्रमिकों को त्याग दिया है : प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (फाइल फोटो)

खास बातें

  • पैदल घरों को लौटते मजदूरों को लेकर सरकार पर साधा निशाना
  • कांग्रेस कार्यकर्ताओं से किया मजदूरों की मदद करने का आह्वान
  • लगातार ट्वीट कर प्रियंका ने पूछे कई सवाल
लखनऊ:

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने लॉकडाउन के दौरान अपने रोजगार गंवा चुके, दूसरे राज्यों में फंसे और किसी तरह अपने गृह नगर वापस लौट रहे प्रवासी श्रमिकों की स्थिति को लेकर सरकार को आड़े हाथ लिया. प्रियंका ने कहा कि ऐसा लगता है कि व्यवस्था ने उन्हें त्याग दिया है. उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे प्रवासी श्रमिकों और दूसरे जरूरतमंदों की मदद करें. प्रियंका ने ट्वीट किया, ‘देश की सड़कों पर त्राहिमाम की स्थिति है. महानगरों से मजदूर भूखे प्यासे, पैदल अपने छोटे छोटे बच्चों और परिवार को लेकर चले जा रहे हैं. ऐसा लगता है जैसे व्यवस्था ने इनको त्याग दिया हो.' 

उन्होंने कहा, ‘मई की धूप में सड़कों पर चल रहे लाखों मजदूरों का तांता लगा हुआ है. रोज हादसे हो रहे हैं, रोज ये गरीब हिंदुस्तानी मारे जा रहे जा रहे हैं. इनके लिए सरकार बसें क्यों नहीं चलवा रही?' कांग्रेस नेता ने कहा, ‘उप्र रोडवेज की बीस हज़ार बसे खड़ी हैं. कृपया इन्हें सड़कों पर उतार दीजिए. इन्हीं श्रमिकों के श्रम से हमारे ये महानगर बने हैं, इन्हीं के श्रम से देश आगे बढ़ा है. भगवान के लिए, इन्हें सड़कों पर ऐसे बेसहारा न छोड़िए.' 
 

 

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उन्होंने कहा, ‘उप्र की सभी जिला शहर इकाईयों से मेरा आग्रह है कि इन जरूरतमंद लोगों की मदद का कार्य और तेज कर दीजिए. पूरी ताकत लगा दीजिए. यह सेवा का वक्त है. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का एक एक कार्यकर्ता इन हिंदुस्तानी भाइयों के साथ खड़ा है.' प्रियंका ने कहा, ‘पुलिस के भाइयों से एक विनती- मैं समझ सकती हूं कि आप पर काम का दबाव है. आप भी परेशान हैं. मगर आपसे मेरी एक विनती है कि इन बेसहारा लोगों पर बल प्रयोग मत करिए. इन पर वैसे ही, विपत्ति टूटी हुई है. इनकी गरिमा की रक्षा कीजिए.'



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)