उन्नाव रेप कांड की पीड़िता की कार में टक्कर मारने वाले ट्रक के मालिक ने क्या झूठ बोला है?

Unnao Rape Case: उन्नाव रेप पीड़िता की कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी. पीड़िता अपने चाचा से मिलकर वापस मिलकर आ रही थी. इस घटना में उसकी मौसी और चाची की मौत हो गई थी जबकि पीड़िता और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गया.

खास बातें

  • एजेंट ने कहा ईएमआई को लेकर कोई दबाव नहीं
  • पुलिस पर उठे सवाल
  • सीबीआई कर रही जांच
नई दिल्ली:

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में रेप कांड (Unnao Rape Case) की पीड़िता के साथ हुए एक्सीडेंट का सीबीआई रिक्रिएशन (इसमें पूरी घटना कैसी हुई उसको एक सीन घटनास्थल पर रुपांतरित किया जाता है) करवा रही है. इसी बीच एक नया खुलासा हुआ है. घटना के बाद ट्रक मालिक ने कहा था कि ट्रक की ईएमआई जमा नहीं की गई थी इसलिए रिकवरी एजेंट से बचने के लिए नंबर प्लेट को काले रंग से पोत दिया गया था. लेकिन इस दावे को फाइनेंस करने वाली कंपनी ने खारिज कर दिया है. न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कंपनी के एजेंट ने कहा, 'किसी के ऊपर भी समय से ईएमआई जमा करने का दबाव नहीं है. ट्रक ने मालिक एक बार जमा नहीं किया था लेकिन बाद में उसने दे दिया था. हमारे ओर से कोई दबाव नहीं है'. उसने आगे बताया, उन्होंने (ट्रक मालिक) ने इससे पहले यहीं से कार भी फाइनेंस करवाई है. उसको भी एनओसी मिली है. इस समय हम दो मोटरसाइकिलों का भी फाइनेंस कर रहे हैं.' वहीं सवाल इस बात का है कि नंबरप्लेट पुते इस ट्रक को पुलिस ने क्यों नहीं रोका.

उन्नाव रेप मामला: BJP विधायक ने कहा- मुश्किल वक्त से गुजर रहे हैं कुलदीप भाई...

गौरतलब है कि उन्नाव रेप पीड़िता की कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी. पीड़िता अपने चाचा से मिलकर वापस मिलकर आ रही थी. इस घटना में उसकी मौसी और चाची की मौत हो गई थी जबकि पीड़िता और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गया. इस घटना के पीछे परिजनों ने रेप के आरोप में जेल में बंद कुलदीप सिंह सेंगर का हाथ बताया. उनका कहना है कि कुलदीप सिंह सेंगर जेल के अंदर से उन पर समझौते का दबाव डाल रहे थे और धमकी दी थी कि अगर बात नहीं मानी तो जान से मार दिया जाएगा.

सनसनीखेज : कुलदीप सिंह सेंगर और उसके भाई ने IPS अफसर के सीने पर दागी थीं गोलियां, दबाई जांच

फिलहाल इस घटना की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है. वहीं मामले को संज्ञान में लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता के चाचा को दिल्ली के तिहाड़ जेल में शिफ्ट करने के आदेश दिया है जो एक अन्य आरोप में जेल में हैं. इसके साथ ही यह भी कहा है कि पूरे मामले की सुनवाई दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट 45 दिन में करे. दूसरी ओर कुलदीप सिंह सेंगर को बीजेपी ने निकाल दिया है.  

मुकाबला : उन्नाव के धब्बों से दाग़दार हुई बीजेपी?​

 
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com