लोगों को कुछ ज़्यादा ही उम्मीदें हैं : UP के COVID अस्पतालों की पोल खोलने वाले वीडियो पर प्रशासन

यूपी के बाराबंकी जिले में कोविड अस्पताल के वॉर्ड में गंदगी और गोरखपुर के एक अस्पताल में पानी भर जाने का मामला सामने आया है.

लोगों को कुछ ज़्यादा ही उम्मीदें हैं : UP के COVID अस्पतालों की पोल खोलने वाले वीडियो पर प्रशासन

गोरखपुर के एक अस्पताल के भीतर घुसा पानी

बाराबंकी/गोरखपुर:

यूपी के बाराबंकी जिले में कोविड अस्पताल के वॉर्ड में गंदगी और गोरखपुर के एक अस्पताल में पानी भर जाने का मामला सामने आया है. पहला मामला बाराबंकी के अस्पताल का वॉर्ड का है, जहां सोमवार को एक कोरोना योद्धा कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाया गया था. जिसके बाद उसे मंगलवार को एक अस्पताल में भर्ती करा दिया गया. बाराबंकी जिले में इस अस्पताल को एल 1 कोविड केयर सेंटर के तौर पर रखा गया है. यहां पर साफ-सफाई न होने पर आपत्ति जताई, वॉर्ड बॉय ने खुद वीडियो के जरिए यह दिखलाया है.

वॉर्ड बॉय ने खुद एक वीडियो शूट किया है, जिसमें आरोप लगाया गया कि पिछले 16 घंटों से जब वह भर्ती है, तब कोई भी कर्मचारी उनके पास नहीं गया और यहां जो लोग पहले से ही आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं, उन्होंने बताया कि पिछले 6 दिनों से कोई साफ-सफाई नहीं हुई है.

वीडियो में वॉर्ड बॉय ने कहा कि अगर देश की सेवा करते हुए मैं कोरोना पॉजिटिव पाया गया, तो यह सिर्फ मेरी जिम्मेदारी नहीं है. उन्होंने कहा, ''मैंने 10 बार सैंपलिंग की और मुझे सिर्फ एक बार पीपीई किट मिली. मैं पिछले 10 साल से स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हूं, पिछले 4 महीने से एक भी दिन छुट्टी नहीं ली और मैंने अपनी ड्यूटी की. मुझे इसके बदले में कोरोनावायरस मिला. मुझे कोई भी आपत्ति नहीं लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी के रूप में मुझे मूलभूत सुविधाएं दी जानी चाहिए. मैं नहीं जानता कि ये मेरा सौभाग्य या दुर्भाग्य है. मैंने पिछले 16 घंटों में इतनी समस्याओं का सामना किया है जो मैं आपको बता भी नहीं सकता."

इस मामले में बाराबंकी के चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMO) डॉ. रमेश चंद्र ने कहा, ''उनमें कोरोनावायरस के अभी तक कोई लक्षण नहीं दिख रहे थे. इसके लिए कोई बड़े इलाज की जरूरत नहीं है. जो भी जरूरी है, हम उसे दे रहे हैं. मुझे लगता है कि यह एक ऐसा मामला है जब बहुत सारी उम्मीदें हैं जो पूरी नहीं हो सकती हैं और इसलिए बुरा महसूस हो रहा. वह वार्ड ब्वाय है. उनके वार्ड के बगल में एक निजी कक्ष है, एक बीएसए 'साहब' (शिक्षा विभाग के अधिकारी) भर्ती हैं और उनके पास एक कमरा है. वह एक कमरा भी चाहती हैं, लेकिन हर व्यक्ति को एक अलग कमरा नहीं मिल सकता और इसीलिए उन्हें बुरा लगा होगा.''

वहीं, 24 सेकंड का दूसरा वीडियो गोरखपुर के प्रतिष्ठित बीआरडी मेडिकल कॉलेज का है, जहां एक COVID-19 आइसोलेशन वॉर्ड पानी से भरा हुआ है. इसे कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को आरोप लगाते हुए ट्वीट किया था कि यह एक बहते नाले का पानी था.

प्रियंका गांधी ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, ''यूपी के सीएम के गृह क्षेत्र के मेडिकल कालेज के कोरोना वार्ड की हालत देखकर आपको पता लग जाएगा कि यूपी सरकार के झूठे प्रचार से जमीनी हकीकत कितनी जुदा है. मेडिकल कालेज के कोविड वार्ड में नाले का पानी भरा है. मरीज परेशान हैं और पानी निकालने की कोई व्यवस्था नहीं है. आज गोरखपुर से ही कोरोना संक्रमित मरीज के शव ले जाने के लिए 16 घंटे तक एम्बुलेंस न भेजे जाने की भी खबर भी आई थी.''

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इसी ट्वीट पर गोरखपुर के जिलाधिकारी ने अस्पताल में साफ-सफाई के वीडियो के साथ जवाब दिया. उन्होंने कहा, ''कोविड वॉर्ड को चौबीस घंटे सातों  दिन निगरानी की जा रही है और आंधी-तूफान के एक घंटे के भीतर ही साफ कर लिया गया. हम COVID-19 सुविधाओं में किसी भी सुरक्षा या सफाई प्रोटोकॉल से समझौता नहीं करेंगे.''