NDTV Khabar

यूपी के डिप्टी सीएम का बयान, 'राम मंदिर मुद्दा बातचीत से हल नहीं हुआ तो कानून बनेगा'

केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को कहा कि राज्यसभा में बहुमत होता तो अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए विधेयक पास कराकर राम मंदिर का निर्माण प्रशस्त कर देते.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
यूपी के डिप्टी सीएम का बयान, 'राम मंदिर मुद्दा बातचीत से हल नहीं हुआ तो कानून बनेगा'

यूपी के उपमुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (फाइल फोटो)

लखनऊ: 2019 लोकसभा चुनाव से पहले अयोध्या का राम मंदिर मामला एक बार फिर से तूल पकड़ने लगा है. उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि अगर राम जन्मभूमि का मुद्दा कोर्ट या आपसी बातचीत से हल नहीं होगा तो सरकार संसद में क़ानून बनाकर राम मंदिर निर्माण की दिशा में आगे बढ़ेगी. यूपी की योगी सरकार में उप मुख्‍यमंत्री केशव मौर्य ने कहा है कि अगर बातचीत और सुप्रीम कोर्ट से राम मंदिर का मसला हल नहीं हुआ तो सरकार के पास मंदिर बनाने के लिए कानून बनाने का रास्‍ता खुला है. मौर्य के बयान पर तीवी प्रतिक्रिया हुई है. गैर बीजेपी दलों के लोग कहते हैं कि ये एक चुनावी बयान है.

अयोध्‍या में राम मंदिर बनाने का बीजेपी का पुराना वादा है. फिलहाल वो इसके दो विकल्‍प बताती रही है, या तो समझौते से या फिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश से. लेकिन पहली बार उप मुख्‍यमंत्री केशव मौर्य कहते हैं कि कानून बनाना कर मंदिर बनाने का विकल्‍प भी खुला है.

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, 'भाजपा के लिए राम जन्‍मभूमि का मामला कोई राजनीतिक विषय नहीं है, ये हमारी आस्‍था, श्रद्धा, विश्‍वास का विषय है और देश के करोड़ों रामभक्‍तों की भावनाओं से जुड़ा हुआ विषय भी है. आपसी समझौते के भी सार्थक प्रयास पक्षकार कर रहे हैं. और सरकार उसमें पूर्ण सहयोग देने के लिए भी तैयार है. जब ये दोनों विकल्‍प समाप्‍त होंगे और हमारे पास ताकत होगी, तीसरा विकल्‍प तब आएगा.'

मुस्लिम संगठनों ने जताया ऐतराज
मौर्य के राम मंदिर पर दिए गए बयान को लेकर मुस्लिम संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. इन संगठनों का कहना है कि राम मंदिर मुद्दे को जानबूझकर हवा दी जा रही है. इस तरह के संवेदनशील मुद्दे पर बयानबाजी सही नहीं है. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य और मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने सोमवार को केशव मौर्य के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि राम मंदिर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बयान देना सही नहीं है.

टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि नेताओं को इस मामले में बयानबाजी से बचना चाहिए. फिरंगी महली ने पूछा कि जब मामला सर्वोच्च न्यायालय में है तो फिर नेता जानबूझकर ऐसे बयान क्यों देते हैं. फिरंगी महली ने कहा, "कई चुनाव इसी मुद्दे पर पार्टियों ने लड़े हैं. जानबूझकर ऐसे मुद्दों को हवा दी जा रही है. जनता भी यह चाहती है कि एक अच्छे माहौल में न्यायालय के फैसले से हल निकले."

VIDEO: '...तो संसद से बनेगा राम मंदिर'


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement