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यूपी : डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सांसदों के प्रस्तावों पर सड़क निर्माण के निर्देश दिए

मौर्य ने प्रदेश के सांसदों के साथ विचार विमर्श बैठक की, लोक निर्माण विभाग के अफसरों से सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए कार्यवाही करने को कहा

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यूपी : डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सांसदों के प्रस्तावों पर सड़क निर्माण के निर्देश दिए

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पीडब्लूडी के अफसरों से कहा है कि सड़क निर्माण में सांसदों के प्रस्तावों को वरीयता दी जाए.

खास बातें

  1. कार्य योजना प्रस्ताव तैयार करते समय जनप्रतिनिधियों की सहमति ली जाए
  2. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से 10 हजार करोड़ की सहमति प्राप्त
  3. 100 दिनों में 74000 किलोमीटर से अधिक मार्गों को गड्ढामुक्त किया गया
लखनऊ: सांसदों से वरीयता क्रम में प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार मार्गों के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण की स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त कर सड़क निर्माण की कार्यवाही की जाए. यह निर्देश प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को प्रदेश के सांसदों के साथ विचार विमर्श बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिए.

उन्होंने कहा कि विचार विमर्श के दौरान सांसदों द्वारा जिन मार्गों एवं सेतुओं के सम्बन्ध में कई जनहित से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराया गया है, उन पर शीर्ष प्राथमिकता से कार्य योजना बनाकर कार्य सम्पन्न किए जाएं. मौर्य ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों से गड्ढा मुक्ति अभियान की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतें आई हैं, उनका परीक्षण कराया जाए. कार्य योजना प्रस्ताव तैयार करते समय जनप्रतिनिधियों की सहमति अवश्य ली जाए और इसके साथ-साथ जो कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उनको जनता को समपर्ति करते समय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी भी अवश्य हो.

उप मुख्यमंत्री ने सांसदों को आश्वासन दिया कि गड्ढा मुक्ति का अभियान जारी रहेगा. उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय मार्ग निधि से मार्गों के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण के लिए 10,000 करोड़ रुपये की सहमति सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से प्राप्त हो चुकी है. इसी से सांसदों से वरीयता क्रम में प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार सड़क निर्माण के सम्बंध में कार्यवाही की जाए. लोक निर्माण विभाग के जो मार्ग बहुत अधिक क्षतिग्रस्त हैं, वे अक्टूबर, 2017 तक गड्ढामुक्त किए जाएं.

मौर्य ने कहा कि लगभग 6260 किलोमीटर लम्बाई के 73 मार्ग राष्ट्रीय मार्गों में परिवर्तित किए जाने की कार्यवाही प्रगति पर है. उप मुख्यमंत्री ने सांसदों को बताया कि प्रदेश सरकार एवं एशियन विकास बैंक के मध्य समझौता किया गया है. इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश के लखनऊ, उन्नाव, एटा, कासगंज, देवरिया, कुशीनगर, बुलन्दशहर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, अलीगढ़, फतेहपुर जनपदों में 426 किलोमीटर लम्बाई में 2782 करोड़ रुपये की लागत से मार्गों के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रस्तावित किया गया है. लोक निर्माण विभाग द्वारा अब तक 100 दिनों में 74000 किलोमीटर से अधिक मार्गों को गड्ढामुक्त किया गया है तथा अन्य विभागों द्वारा निर्मित सड़कों को गड्ढामुक्त करने हेतु प्रभावी कार्यवाही की जा रही है. सांसदों से प्राप्त मार्ग निधि योजना से लगभग 5500 किलोमीटर लम्बाई के मार्गों के निर्माण हेतु मिली सैद्धान्तिक सहायता से भी अवगत कराया.
(इनपुट एजेंसियों से)


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