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डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए योगी सरकार की पहल, वॉक इन इंटरव्यू से होगी डॉक्टरों की भर्ती

वॉक इन इंटरव्यू के जरिये डाक्टरों की भर्ती के लिये अगले सप्ताह विज्ञापन जारी होगा. फिलहाल एक हजार डॉक्टरों के पदों के लिये इंटरव्यू होंगे.

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डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए योगी सरकार की पहल, वॉक इन इंटरव्यू से होगी डॉक्टरों की भर्ती

प्रतीकात्मक फोटो

खास बातें

  1. प्रदेश में है डॉक्टरों की कमी
  2. डॉक्टरों की कमी से लोगों को दिक्कत
  3. अब भर्ती की प्रक्रिया को सरल कर वॉक इन इंटरव्यू.
लखनऊ: यूपी में योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद पिछली सरकार की कई भर्तियों पर सवाल उठाए गए थे. यहां तक कि यूपीपीएससी की भर्तियों की सीबीआई जांच के आदेश दे दिए गए हैं. उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए अगले महीने के पहले सप्ताह तक डॉक्टरों की भर्ती शुरू हो जाएगी. वॉक इन इंटरव्यू के जरिये डाक्टरों की भर्ती के लिये अगले सप्ताह विज्ञापन जारी होगा. फिलहाल एक हजार डॉक्टरों के पदों के लिये इंटरव्यू होंगे. बाद में इनकी संख्या बढ़ भी सकती है. चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के सचिव आलोक कुमार ने बताया कि वॉक इन इन्टरव्यू की सारी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है. अगले सप्ताह डॉक्टरों के वॉक इन इंटरव्यू के लिए विज्ञापन प्रदेश के सभी प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित किये जायेंगे. उसके बाद जो डॉक्टर इसके लिये आवेदन करेंगे उन्हें सितंबर माह के पहले सप्ताह में इंटरव्यू के लिये बुलाया जाएगा.

उन्होंने बताया कि पहले चरण में 500 एमबीबीएस डॉक्टरों और 500 एमएस, एमडी डिग्री धारक विशेषज्ञ डाक्टरों का इंटरव्यू लिया जाएगा. इस इंटरव्यू को लेने के लिये विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम होगी जो इनका चयन करेगी. चयन करने के पश्चात ही इन डॉक्टरों की पोस्टिंग कर दी जाएगी.

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उन्होंने बताया कि इन डॉक्टरों की पोस्टिंग ग्रामीण इलाकों के अलावा शहरी इलाकों के अस्पतालों में भी की जाएगी. पहले चरण में सभी वाक इन इंटरव्यू प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ही आयोजित किए जाएंगे लेकिन अगर आवेदन करने वाले डॉक्टरों की संख्या ज्यादा होगी तो प्रदेश के अन्य शहरों में भी ऐसे इंटरव्यू आयोजित किए जा सकते हैं. अभी पहले चरण में एक हजार डॉक्टरों की भर्ती की जायेंगी . फिर दूसरे चरण में और डॉक्टरों की भर्ती की जाएंगी.

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स्वास्थ्य सचिव से जब यह पूछा गया कि क्या सरकारी नौकरियों में अच्छे डाक्टर इसलिये नही आते क्योंकि सरकारी नौकरियों में उन्हें अच्छा वेतन नही मिलता, इस पर कुमार ने कहा कि इस बार हम अच्छे और काबिल एमबीबीएस डाक्टरों को 50 हजार रूपये प्रति माह से अधिक का वेतन आफर करेंगे, जबकि एमडी और एमएस विशेषज्ञ डॉक्टरों को 80 हजार प्रति माह से अधिक का वेतन आफर करेंगे. डाक्टरों को वेतन उनकी विशेषज्ञता और अनुभव के आधार पर निर्धारित किया जाएगा, जिस डाक्टर का अनुभव जितना अधिक होगा उसका वेतन उतना ही अच्छा होगा. इसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों की आयु सीमा 65 वर्ष तक होगी.उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चाहती है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें सरकारी अस्पतालों में मिलें इसलिये वह डॉक्टरों के रिक्त पदों को भरना चाहती है, ताकि अस्पताल में जब कोई मरीज इलाज के लिये आये तो उसे उचित इलाज मिल सके.

VIDEO : पिछली सरकार की भर्तियों की सीबीआई जांच

गौरतलब है कि ​पिछले माह चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने विधान परिषद में माना था कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है और इसके लिये वाक इन इंटरव्यू से डाक्टरों की भर्ती किये जाने की योजना है. उनका कहना था कि प्रदेश सरकार चाहती है कि प्रदेश के हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें मिलें और सरकारी अस्पतालों में आने वाला कोई भी मरीज बिना इलाज के न लौटे इसी लिये वाक इन इंटरव्यू के जरिये जल्द से जल्द डॉक्टरों को अस्पताल में नियुक्ति दी जाएगी.
 


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