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टैक्स अधिकारी ने बगल की दुकान में बैठकर रखी नजर तो पता चली अलीगढ़ में कचौरी वाले की कमाई

सेल्स टैक्स अफसर अनूप माहेश्वरी का कहना है कि कुछ व्यापारियों के बारे में इस तरह की शिकायतें की जा रही हैं कि उनको जीएसटी में रजिस्ट्रेशन होना चाहिए. लेकिन वह ऐसा नहीं कर रहे हैं.  इसी कड़ी में एक कचौरी वाले की जांच की गई थी जिसका टर्न ओवर 60 लाख से ज्यादा आंका गया है

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खास बातें

  1. मुकेश कचौड़ी वाले को टैक्स विभाग का नोटिस
  2. 'सालाना टर्न ओवर 60 लाख रुपये से अधिक'
  3. टैक्स अधिकारियों ने बगल की दुकान से रखा था नजर
नई दिल्ली:

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक हैरान कर देने वाली खबर मिली है. यहां पर एक कचौड़ी वाला करोड़पति है और उसका सालाना टर्नओवर 60 लाख रुपये का है. वाणिज्य कर विभाग ने मुकेश कचौड़ी वाले को नोटिस जारी किया है. मुकेश नाम का ये व्यापारी पिछले 10-12 साल से कचौड़ी और समोसे बेचता है. उसे लेकर बीते दिनों स्टेट इंटेलीजेंस ब्यूरो को शिकायत मिली थी, इसी के बाद अधिकारी जांच में जुट गए. वाणिज्य कर अधिकारियों ने दो दिन तक आस-पास बैठकर होने वाली बिक्री का जायजा लिया. इसके बाद विभाग की टीम 21 जून को सर्वे करने पहुंची. अधिकारियों ने प्राथमिक जांच में पाया कि कचौड़ी व्यापारी का सालाना टर्न ओवर 60 लाख रुपये से अधिक है. पिछले 10 सालों से व्यापारी कचौड़ी व समोसे का काम कर रहा है. जांच में व्यापार GST में पंजीकृत नहीं मिला. जबकि सालाना 40 लाख रुपये का टर्न ओवर करने वालों को जीएसटी में पंजीयन कराना होता है. जांच अफसरों का दावा है कि प्राथमिक जांच में ही 60 लाख टर्न ओवर सामने आया है, लेकिन विस्तृत जांच में सालाना टर्न ओवर एक से डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है.

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सेल्स टैक्स अफसर अनूप माहेश्वरी का कहना है कि कुछ व्यापारियों के बारे में इस तरह की शिकायतें की जा रही हैं कि उनको जीएसटी में रजिस्ट्रेशन होना चाहिए. लेकिन वह ऐसा नहीं कर रहे हैं.  इसी कड़ी में एक कचौरी वाले की जांच की गई थी जिसका टर्न ओवर 60 लाख से ज्यादा आंका गया है सबूत के आधार पर भी कार्रवाई की जाएगी.  वहीं मुकेश पकोड़ी वाले के पड़ोसी अकबर ने कहा है कि 20 जून को यहां टीम आई थी और जो उन्होंने सर्वे किया है वह गलत है. इतनी इनकम तो उन बेचारों की है नहीं. पूरा परिवार लगा रहता है सुबह चार बजे से.


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इस बारे में मुकेश का कहना है, मैं इस सब के बारे में नहीं जानता हूं. मैं 12 से इस दुकान को चला रहा हूं और किसी ने भी इस इस प्रक्रिया के बारे में नहीं बताया है. हम सामान्य लोग हैं जो जिंदगी चलाने के लिए कचौरी और समोसा बेचते हैं'.  वहीं स्टेट इंटलीजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी जो इस मामले की जांच में शामिल हैं, बताते हैं कि मुकेश बहुत ही आसानी से अपनी इनकम का ब्यौरा देने के लिए राजी हो गया और  खर्चे, तेल और एलपीजी सिलेंडर की सारी जानकारी दी है. 


 



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