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अब बीजेपी की इलाहाबाद में भगवान राम के साथ निषाद राज की मूर्ति लगाने की योजना

दलित समाज की प्रतीक शबरी की भी मूर्ति लगाने की मांग उठी, बीजेपी ने अनुसूचित जति का विशेष सम्मेलन शुरू किया

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अब बीजेपी की इलाहाबाद में भगवान राम के साथ निषाद राज की मूर्ति लगाने की योजना

प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  1. डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने निषाद राज और राम की मूर्ति लगाने का ऐलान किया
  2. बीजेपी की रणनीति गैर यादव ओबीसी वोटर को लुभाने की
  3. यूपी के 21 फीसद अनुसूचित जाति वोट पर भी बीजेपी की नजर
लखनऊ:

अयोध्या में भगवान राम की सबसे बड़ी मूर्ति लगाने के अलावा बीजेपी सरकार अब प्रयाग में गंगा के किनारे निषाद राज को गले लगाए हुए भगवान राम की मूर्ति लगाएगी. यूपी में निषाद वोट 14 फीसदी हैं. निषाद राज के साथ अब शबरी की भी मूर्ति लगाने की मांग उठी है, जिन्हें रामचरित मानस में नीची जाति का बताया गया है. यूपी में अनुसूचित जाति का वोट भी 21 फीसदी है. बीजेपी ने आज से उनका विशेष सम्मेलन शुरू किया है.

ऐसी मान्यता है कि भगवान राम ने वन जाते वक्त प्रयाग के शृंगवेरपुर में ही गंगा पार की थी, जहां निषाद राज ने उनके चरण धोने के बाद ही उन्हें पार उतारा, इसलिए उनकी गिनती भगवान राम के बड़े भक्तों में है. यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने यहां गंगा किनारे निषाद राज को गले लगाए भगवान राम की मूर्ति लगाने का ऐलान किया है.

यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भगवान राम की और निषाद राज जी की मित्रता का, समरसता का, गले से मिलन का चित्र है. उसकी योजना बन गई है. यहां पर एक बड़ी जमीन को अधिग्रहीत करने या व्यवस्था करने का जिलाधिकारी इलाहाबाद, प्रयागराज को निर्देश भी दिया गया है. यहां इसकी तैयारी हो रही है.


यूपी में बीजेपी की रणनीति गैर यादव ओबीसी वोटर को लुभाने की है. इसके लिए उसे कुर्मी, कुशवाहा और निषाद वोट चाहिए. निषाद वोट के लिए ही मुलायम ने कभी डाकू रही फूलन देवी को लोकसभा भेजा था. यूपी में निषाद आबादी 14 फीसद है. गंगा-यमुना के किनारे बसे जिलों में उनकी तादाद काफी है. निषाद आबादी गोरखपुर, देवरिया, महाराजगंज, प्रयाग, भदोही, मिर्ज़ापुर, सोनभद्र, वाराणसी, कानपुर देहात, फतेहपुर,उन्नाव,वगैरह में काफी है.

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बीजेपी ने आज से अनुसूचित जाति सम्मेलन भी शुरू किया है. इसमें आए लोगों ने शबरी की मूर्ति भी लगाने की मांग की. बीजेपी नेता परमेश्वर कुमार चौधरी का कहना है कि धर्म में शबरी माता का नाम लिया जाता है. उनके जूठे बेर के कारण रामचंद्र जी के साथ उनका नाम जुड़ा हुआ है. अगर रामचंद्र जी की मूर्ति अयोध्या में लग रही है तो किसी कोने में शबरी माता जी की भी मूर्ति लगनी चाहिए. इससे दलित समाज में एक अच्च्छा संदेश जाएगा.

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माना जाता है कि यूपी के 21 फीसद अनुसूचित जाति वोट का सबसे बड़ा हिस्सा मायावती को जाता है. सम्मेलन में निशाने पर मायावती भी थीं. यूपी बीजेपी के अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे ने कहा कि आपने बहन जी (मायावती) के बारे में सुना होगा. राजनीति की ऊंचाइयां छूने के बाद बहन जी अपने समर्थकों, अपने वर्करों से दूर राजशाही मुद्रा में बैठतीं थीं और आदमी उनके सामने नीचे बैठता था.

VIDEO : अयोध्या में लगेगी भगवान राम की विशाल मूर्ति
 
विपक्ष इसे वोट के लिए मूर्ति पूजा बता रहा है. समाजवादी पार्टी के एमएलसी सुनील साजन का कहना है कि एक तरफ जीते-जागते इंसान के खाने का इंतजाम सरकार नहीं कर पा रही है. उनकी रोजी-रोटी का इंतजाम नहीं कर पा रही है, रोज़गार नहीं दे पा रही है और मूर्तियों को लेकर केवल भावनाएं भड़काकर सत्ता में आना चाहती है.



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