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आईएएस अनुराग तिवारी की मौत के मामले में SIT का गठन, 72 घंटे में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश

एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि हजरतगंज पुलिस स्टेशन के सर्किल ऑफिसर के नेतृत्व में पांच अधिकारियों की एक विशेष जांच टीम का गठन कर दिया गया है.

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आईएएस अनुराग तिवारी की मौत के मामले में SIT का गठन, 72 घंटे में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश

खास बातें

  1. टीम को 72 घंटे में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.
  2. जांच को पांच अधिकारियों की एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया.
  3. तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है.
लखनऊ : कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में लखनऊ पुलिस ने गुरुवार को पांच पुलिस अधिकारियों की एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन कर दिया है तथा इस टीम को 72 घंटे में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.

एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि हजरतगंज पुलिस स्टेशन के सर्किल ऑफिसर के नेतृत्व में पांच अधिकारियों की एक विशेष जांच टीम का गठन कर दिया गया है. इस टीम को कहा गया है कि वह घटना के हर पहलू की गहन जांच करें और अपनी रिपोर्ट 72 घंटे में उन्हें सौंपे. उन्होंने कहा कि मृतक आईएएस अधिकारी तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है, इसलिए बिसरा सुरक्षित रख लिया गया है तथा उसकी जांच कराई जाएगी.

कल देर रात चार डॉक्टरों के पैनल ने तिवारी का पोस्टमार्टम किया था. एक सवाल के जवाब में एसएसपी कुमार ने कहा कि आईएएस तिवारी के परिजनों ने इस मामले में किसी के खिलाफ कोई रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई है अगर परिजन कोई तहरीर देते है तो रिपोर्ट दर्ज कर ली जाएगी.

गौरतलब है कि कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी बुधवार सुबह राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित मीराबाई गेस्टहाउस के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए थे. किसी व्यक्ति ने डायल 100 सेवा पर फोन करके जानकारी दी कि संदिग्ध परिस्थितियों में मृत एक व्यक्ति मीराबाई गेस्ट हाउस के पास सड़क किनारे पड़ा है. मृतक के पास से मिले पहचान पत्र से उनकी शिनाख्त वर्ष 2007 बैच के आईएएस अफसर अनुराग तिवारी के रूप में हुई थी.

कल बहराइच में मृतक आईएएस तिवारी के पिता बीएन तिवारी ने आरोप लगाया था, 'मेरा बेटा बहुत ही ईमानदार था, लेकिन भ्रष्ट अधिकारी उसे कतई पसंद नही करते थे और वह उसे किसी भी तरह मरवाना चाहते थे. आईएएस में चयन के एक वर्ष बाद ही उसकी शादी हुई थी, लेकिन पति-पत्नी में संबंध ठीक न होने के कारण वह इसी साल कानूनी रूप से एक दूसरे से अलग हो गए थे.

एसएसपी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के मूल निवासी और बीटेक स्नातक रहे तिवारी मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी में प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिरकत करके लौटे थे और पिछले दो दिन से गेस्ट हाउस में ठहरे थे. वह बेंगलूरू में आपूर्ति विभाग एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग में कमिश्नर के पद पर तैनात थे. शुरुआती जांच में तिवारी के जबड़े के पास चोट के निशान पाए गए थे. इसके अलावा उनके शरीर पर कोई चोट नहीं दिखी थी.

(इनपुट भाषा से)


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