मुन्ना बजरंगी को झांसी से बागपत शिफ्ट करते समय सुरक्षा में नहीं बरती गई कोई कोताही : डीजीपी

उन्होंने कहा कि इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिये गये हैं और कोई भी दोषी बच नहीं पायेगा.

मुन्ना बजरंगी को झांसी से बागपत शिफ्ट करते समय सुरक्षा में नहीं बरती गई कोई कोताही : डीजीपी

बागपत जेल में जांच के लिये जाती हुई टीम

लखनऊ:

उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा कि मुन्ना बजरंगी को झांसी जेल से बागपत जेल भेजने के दौरान प्रदेश पुलिस की तरफ से सुरक्षा व्यवस्था में कोई कोताही नहीं बरती गयी. सिंह ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा, ''बजंरगी को सुरक्षा मुहैया कराये जाने में पुलिस की तरफ से कोई चूक नहीं हुई है.'' गौरतलब है कि बजरंगी की सोमवार की सुबह बागपत जेल में एक अन्य कैदी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. डीजीपी ने कहा कि झांसी से बागपत तक बजरंगी को ले जाने में करीब 12 घंटे का समय लगा था और इस दौरान पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का घेरा उसके इर्दगिर्द था. उसे सुरक्षित बागपत जेल पहुंचा दिया गया था.
 
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उन्होंने कहा कि इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिये गये हैं और कोई भी दोषी बच नहीं पायेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को गम्भीरता से लेते हुए न्यायिक जांच के निर्देश दिये थे. उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को जेलों का निरीक्षण करने के आदेश दिये थे और सुरक्षा कड़ी करने के आदेश दिये थे. 

नेशनल रिपोर्टर: बागपत जेल में डॉन का कत्ल​

माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी उर्फ प्रेम प्रकाश सिंह (51) को भाजपा विधायक लोकेश दीक्षित से पिछले साल रंगदारी मांगे जाने के मामले में सोमवार को स्थानीय अदालत में पेशी के लिये झांसी कारागार से बागपत जेल लाया गया था. बजरंगी पर हत्या, लूट, अपहरण समेत अनेक जघन्य अपराधों के करीब 40 मुकदमे दर्ज थे. वह भाजपा विधायक कृष्णानन्द राय की हत्या के मामले में भी आरोपी था.

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