NDTV Khabar

छेड़खानी की शिकार पीड़िता से दारोगा ने ली 20 हजार रुपये की रिश्वत, कार्रवाई नहीं हुई तो वापस भी कर दिए

आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 डी 511, 323, 504, 506 लैंगिक अपराधों के बालकों के संरक्षण अधिनियम 2012 के अंतर्गत 3 और 4 में मुकदमा थाना ठठिया में दर्ज किया गया था.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
छेड़खानी की शिकार पीड़िता से दारोगा ने ली 20 हजार रुपये की रिश्वत, कार्रवाई नहीं हुई तो वापस भी कर दिए

पंचायत में दारोगा जी ने वापस किए 20 हजार रुपये

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के ठठिया इलाके में जब एक लड़की छेड़खानी की शिकायत करने थाने पहुंची तो दारोगा ने कार्रवाई के बदले 20 हज़ार रुपये की रिश्वत मांगी. इतना ही नहीं जब आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई को दारोगा ने पैसे वापस भी लौटा दिए. अब मामला सामने आने के बाद अधिकारी इसकी जांच में जुटे हुए हैं. मिली जानकरी के मुताबिक 11 अक्टूबर 2017 को आरोपी जसवेंद्र से पीड़ित के परिवार से कुछ विवाद हुआ था. इसी रंजिश में जसवेंद्र अंदर ही अंदर पीड़िता से दुश्मनी मानने लगा और 6 जनवरी 2018 को पीड़िता जब शौच के लिए खेत पर जा रही थी तभी जसवेंद्र ने मौक़ा पाकर उसको अकेला देखकर उसने अपने तीन साथी अंकित, दिनेश और विलास के साथ खेत में खींच ले गया वहाँ तीनों ने पीड़िता से जबरदस्ती करनी चाही.

उन्नाव रेप केस : अस्पताल में बना वीडियो आया सामने, पीड़िता के पिता ने लिया था हमलावर का नाम...

लेकिन पीड़िता के चिल्लाने पर आसपास खेतो में काम रहे लोग मौके पर पहुंच गए जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए. पीड़िता की माँ ने 100 नंबर को फोन किया जिसके बाद मौके पर पुलिस भी पहुंच गई और परिवाजनों को थाने आने के लिए कहा गया. जब पीड़िता ठठिया थाने पहुंची तो कार्रवाई करने के नाम पर थाने में मौजूद  दारोगा जितेंद्र यादव ने पीड़िता से 20 हजार रूपये देने की बात कही. उसके बावजूद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की जिसके बाद पीड़िता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. कोर्ट के आदेश पर चारो आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 डी 511, 323, 504, 506 लैंगिक अपराधों के बालकों के संरक्षण अधिनियम 2012 के अंतर्गत 3 और 4 में मुकदमा थाना ठठिया में दर्ज किया गया था. 

टिप्पणियां
वीडियो : उन्नाव रेप केस मामले में यूपी पुलिस की जांच पर सवाल

मामले में जितेंद्र यादव दारोगा को विवेचना अधिकारी बनाया गया. लेकिन काफी समय गुजरने के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई न होने पर दारोगा जितेंद्र यादव से संपर्क किया तो उसने उनको भगा दिया. पीड़ितों ने मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की तो गाँव के पूर्व प्रधान विनोद यादव ने पीड़ितों को आश्वासन दिया की पंचायत के माध्यम से दारोगा से पैसे वापस कराये जायेंगे. मामले में बैठी पंचायत के लोगों को दारोगा जीतेन्द्र यादव ने 20 हजार रुपये वापस कर दिए. इसी बीच किसी ने मोबाइल पर वीडियो भी बना लिया.

 


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement