NDTV Khabar

यूपी राज्‍यसभा चुनाव: मायावती ने अखिलेश यादव से मांगा 'रिटर्न गिफ्ट'

लोकसभा उपचुनाव में सपा उम्मीदवार को समर्थन देकर बड़ी जीत दिलाने वाली बीएसपी चीफ मायावती ने अब अखिलेश से 'रिटर्न गिफ्ट' सुनिश्चित करने को कहा है

3.1K Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
यूपी राज्‍यसभा चुनाव: मायावती ने अखिलेश यादव से मांगा 'रिटर्न गिफ्ट'

मायावती की फाइल फोटो

खास बातें

  1. गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में बसपा ने सपा का साथ दिया था
  2. बीएसपी अपने राज्यसभा उम्मीदवार के लिए पक्का समर्थन चाहती हैं
  3. मायावती ने अखिलेश से सपा के 10 समर्पित विधायकों को अलॉट करने को कहा है
नई दिल्ली: लोकसभा उपचुनाव में सपा उम्मीदवार को समर्थन देकर बड़ी जीत दिलाने वाली बीएसपी चीफ मायावती ने अब अखिलेश से 'रिटर्न गिफ्ट' सुनिश्चित करने को कहा है. आपको बता दें कि गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में बसपा ने सपा का साथ दिया था. अब बीएसपी ने अपने राज्यसभा उम्मीदवार के लिए पक्का समर्थन चाहती हैं. अखिलेश से सपा के 10 समर्पित विधायकों को अलॉट करने को कहा है. 

राज्‍यसभा चुनाव: झारखंड में 3 उम्‍मीदवारों ने मुकाबला बनाया रोचक

राजनीतिक लिहाज से देश के सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में सपा को छोड़कर कोई भी विपक्षी दल अपने बलबूते एक भी राज्यसभा सीट जीतने की स्थिति में नहीं है. बसपा ने हाल में गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में सहयोग देकर सपा की जीत में अहम भूमिका निभायी है. अब कर्ज चुकाने की बारी सपा की है. राजनीतिक प्रेक्षकों के मुताबिक करीब 25 साल के बाद ऐसा पहला मौका है जब बसपा प्रमुख मायावती ने सपा के प्रति नरम रुख अपनाया है. यह आगे भी जारी रहेगा, इसका सारा दारोमदार राज्यसभा चुनाव के परिणाम पर है. यह चुनाव आगामी लोकसभा चुनाव से पहले सपा और बसपा के गठबंधन की सम्भावनाओं पर निर्णायक असर डालेगा.

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा में एक उम्मीदवार को जिताने के लिये 37 विधायकों का समर्थन जरूरत है. प्रदेश की 403 सदस्यीय सपा के पास 47 सदस्य हैं. उसके पास अपनी उम्मीदवार जया बच्चन को चुनाव जिताने के बाद भी तकनीकी रूप से 10 वोट बच जाएंगे. बसपा के पास 19 वोट हैं जबकि कांग्रेस के पास सात और राष्ट्रीय लोकदल के पास एक वोट है. ऐसे में इन दलों का गठबंधन ही दसवें सदस्य को राज्यसभा भेज सकता है, मगर जरा सी भी गड़बड़ी सारा गणित बिगाड़ सकती है.

राज्यसभा चुनाव: यूपी में BJP की सपा-बसपा से एक सीट पर प्रतिष्ठा की लड़ाई, जानें क्या है वोटों का गणित

बहरहाल, 324 विधायकों के संख्याबल के आधार पर आठ सीटें आराम से जीत सकने वाली भाजपा ने 10 सीटों के लिये नौ प्रत्याशी उतारे हैं, जो विपक्ष के लिये चिंता का सबब है, क्योंकि अगर ‘क्रास वोटिंग‘ हुई तो विपक्ष के लिये मुसीबत होगी. अपने-अपने मतों को एकजुट रखने के लिये सपा और बसपा ने ‘डिनर डिप्लोमेसी‘ का सहारा लिया है. सपा ने बुधवार रात अपने विधायकों को रात्रि भोज पर बुलाया था और बसपा मुखिया मायावती ने भी आज अपने विधायकों को रात के खाने पर आमंत्रित किया है.

पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेश अग्रवाल के भाजपा में जाने के बाद उनके सपा विधायक पुत्र नितिन अग्रवाल के भी भाजपा के पक्ष में वोट करने की प्रबल सम्भावना है लेकिन सपा के लिये राहत की बात रही कि कल हुए विधायकों के रात्रि भोज में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के चाचा और कभी उनके प्रतिद्वंद्वी रहे शिवपाल यादव तथा निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने शिरकत की. दोनों ने सपा का साथ देने की बात भी कही है.

राज्यसभा की 59 सीटों के लिए चुनाव कल, यूपी, झारखंड और कर्नाटक में BJP-Cong के बीच होगा दिलचस्‍प मुकाबला

कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी को समर्थन देने का एलान किया है. मालूम हो कि सपा के राज्यसभा सदस्यों नरेश अग्रवाल, दर्शन सिंह यादव, नरेश चन्द्र अग्रवाल, जया बच्चन, चैधरी मुनव्वर सलीम और आलोक तिवारी, भाजपा के विनय कटियार और कांग्रेस के प्रमोद तिवारी का कार्यकाल खत्म हो रहा है. इसके अलावा मनोहर पर्रिकर और मायावती की सीट रिक्त है.

टिप्पणियां
भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिये वित्त मंत्री अरुण जेटली, डाॅक्टर अशोक बाजपेयी, विजयपाल सिंह तोमर, सकलदीप राजभर, कांता कर्दम, डॉ. अनिल जैन, जीवीएल नरसिम्हा राव, अनिल कुमार अग्रवाल और हरनाथ सिंह यादव को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. सपा ने जया बच्चन, जबकि बसपा ने भीमराव अम्बेडकर को प्रत्याशी बनाया है.

VIDEO: राज्यसभा चुनाव में UP की 10वीं सीट पर सबसे बड़ा सस्पेंस

राज्यसभा चुनाव के लिये मतदान कल 23 मार्च को होगा और परिणाम भी शुक्रवार को ही घोषित होंगे.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement