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यूपी एसटीएफ ने शातिर अपराधी वसीम काला को मुठभेड़ में मारा

वसीम अपने भाई मुकीम के साथ गैंग की कमान संभालता था. पुलिस के मुताबिक उस पर आधा दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज थे.

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यूपी एसटीएफ ने शातिर अपराधी वसीम काला को मुठभेड़ में मारा

वांछित अपराधी वसीम काला (फाइल फोटो)

मेरठ: उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने गुरुवार दोपहर मेरठ के पास सरूरपुर थाना क्षेत्र के करनावल के जंगल में शातिर अपराधी मुकीम काला के सगे भाई वसीम काला को मुठभेड़ में मार गिराया. शामली के कैराना के वसीम पर 15 हजार रुपये का ईनाम था और 50 हज़ार के इनाम के लिए डीजीपी को संस्तुति भेजी गई थी. वसीम अपने भाई मुकीम के साथ गैंग की कमान संभालता था. पुलिस के मुताबिक उस पर आधा दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज थे. मेरठ एस्टीसफ़ के एएसपी आलोक प्रियदर्शन के मुताबिक उनकी टीम लंबे समय से वसीम की गतिविधियों पर नज़र बनाए हुए थी. गुरुवार को जानकारी मिली कि वसीम एक बाइक पर सवार होकर करनावल के जंगल से गुजरेगा पुलिस ने जब उसका पीछा किया तो उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी और पुलिस का दावा है कि जवाबी फायरिंग में वसीम मारा गया. फायरिंग की राउंड हुई. वसीम के कब्ज़े से पुलिस को हथियार और कारतूस भी मिले हैं.

पुलिस के मुताबिक इसी महीने 11 सितंबर को कैराना के अलीपुर एवं जहानपुरा में पुलिस मुठभेड़ में वसीम काला बचकर भाग निकला था जबकि उसका पांच हजार का इनामी साथी अनुज पकड़ा गया था. एसटीएफ के मुताबिक मुकीम काला 2015 में ही गिरफ्तार हो चुका है इसके बाद भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुकीम काला गैंग का जबरदस्त खौफ है. कैराना में पलायन के पीछे भी उसी का नाम आया था. उस पर हत्या, लूट और डकैती के 30 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. वो 3 पुलिसकर्मियों की हत्या भी कर चुका है. उसके गैंग से 16 से ज्यादा शातिर गैंगस्टर हैं और 2015 में उसके जेल जाने के बाद गैंग की कमान उसका भाई वसीम काला संभाल रहा था. कहा जाता कि वो जेल से फरमान जारी करता है.

मेरठ में पिछले 24 घंटे में ये दूसरा एनकाउंटर है, इससे पहले बुधवार देर रात मेरठ शहर पल्लवपुरम इलाके में कार लूटकर भाग रहे बदमाशों की पुलिस से मुठभेड़ हो गई थी. फायरिंग में एक बदमाश गोलियों से छलनी हो गया, जबकि उसके साथी भाग निकले. उसकी पहचान सहारनपुर से फरार चल रहे 25 हजार के इनामी अपराधी मंसूर के रूप में हुई. मंसूर के खिलाफ 25 से अधिक मुकदमे दर्ज चल रहे थे. उसका कई जिलों में आतंक था. उत्तर प्रदेश में अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए लगातार एनकाउंटर हो रहे हैं, जिन पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं.


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