यूपी में प्राथमिक शिक्षक निकला पेपर लीक करने का मास्टरमाइंड, STF से बोला-दो साल से करा रहा हूं भर्ती

यूपीएसएसएससी की ओर से आयोजित नलकूप चालक भर्ती पेपर लीककांड में एसटीएफ ने बड़ा खुलासा किया है.

यूपी में प्राथमिक शिक्षक निकला पेपर लीक करने का मास्टरमाइंड, STF से बोला-दो साल से करा रहा हूं भर्ती

उत्तर प्रदेश पुलिस का लोगो.

खास बातें

  • प्राथमिक शिक्षक ने लीक किया था नलकूप चालक भर्ती का पेपर
  • गिरोह के 11 लोगों को यूपी एसटीएफ ने किया गिरफ्तार
  • पेपर लीक होने पर दो सितंबर की परीक्षा रद्द हो गई थी
लखनऊ:

यूपीएसएसएससी की ओर से आयोजित नलकूप चालक भर्ती पेपर लीककांड में एसटीएफ ने बड़ा खुलासा किया है.
राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपी ट्रिपलएससी) की नलकूप चालक की भर्ती परीक्षा का पर्चा लीक करने वाले गिरोह के 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया है.यह परीक्षा रविवार दो सितंबर को होनी थी, मगर पर्चा लीक होने का मामला सामने आने के कारण परीक्षा रद्द कर दिया गया था. पकड़े गए आरोपियों में से एक प्राथमिक शिक्षक भी है, जिसने दो साल से प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने में अपनी भूमिका स्वीकार की है.

एसटीएफ की तरफ से जारी बयान के मुताबिक संज्ञान में आया था कि एक गिरोह के सदस्य अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर यूपी एसएसएससी द्वारा आयोजित नलकूप चालक की भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने के लिये सक्रिय हैं और वे प्रश्नपत्र लीक कराकर अभ्यर्थियों को नाजायज फायदा पहुंचा रहे हैं.उन्होंने बताया कि गिरोह के सक्रिय सदस्यों को चिन्हित किये जाने के बाद एसटीएफ के दल ने  शनिवार की रात कैंट रेलवे स्टेशन के पास एक पार्क में बैठे गिरोह के 11 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया.

पकड़े गये अभियुक्तों में सचिन, अंकित पाल, दीपक, सुरेन्द्र सिंह, प्रदीप, कपिल, शुभम कुमार, सुमित शर्मा, परमीत सिंह, लोकेश तथा गौरव कुमार शामिल हैं. उनके पास से तीन लिखित उत्तर पुस्तिकाएं, पांच प्रवेश-पत्र, 13 मोबाइल फोन, 14 लाख 80 हजार रुपये नकद, एक जीप बरामद की गयी.बयान के मुताबिक गिरोह के सदस्य सचिन ने पूछताछ में बताया कि वह अमरोहा के एक प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक है. वह पिछले दो वर्षों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक करा कर अभ्यार्थियों को भर्ती कराता रहा है. उसने रविवार दो सितम्बर को आयोजित होने वाली ट्यूबवेल ऑपरेटर की परीक्षा पास कराने के लिये भी हर अभ्यर्थी से पहले तीन-तीन लाख रुपये तथा भर्ती हो जाने के बाद तीन से चार लाख रुपये देने की मांग की थी.गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ सदर बाजार थाने में मुकदमा दर्ज किया गया और उनपर कार्रवाई की जा रही है.( इनपुट-भाषा से)
 

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