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UPPSC प्रिलिम्स की उत्तर पुस्तिकाएं फिर से जांची जाएंगी, हाईकोर्ट ने दिया आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक दर्जन से अधिक याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिया आदेश, वेबसाइट पर अपलोड किए गए प्रश्नों के उत्तरों में से कई गलत

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UPPSC प्रिलिम्स की उत्तर पुस्तिकाएं फिर से जांची जाएंगी, हाईकोर्ट ने दिया आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) को अपर अधीनस्थ सेवाओं की प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्याकन करने का निर्देश दिया है.

खास बातें

  1. 677 पदों को भरने के लिए 22 फरवरी, 2017 को विज्ञापन जारी हुआ था
  2. प्रारंभिक परीक्षा के बाद UPPSC ने प्रमुख उत्तर वेबसाइट पर डाले थे
  3. पुर्नमूल्यांकन से सफल उम्मीदवार मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र
इलाहाबाद: यूपी के लोक सेवा आयोग ( UPPSC) की अपर अधीनस्थ सेवाओं के लिए पिछले साल हुई प्रारंभिक परीक्षा की कॉपियां फिर से जांची जाएंगी. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने UPPSC को कॉपियों को फिर से जांचने का आदेश दिया है. कोर्ट ने इस मामले में कई याचिकाओं की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया.
 
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ( UPPSC) को अपर अधीनस्थ सेवाओं की प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्याकन करने का निर्देश आज दिया. आयोग द्वारा इस परीक्षा के लिए विज्ञापन पिछले साल 22 फरवरी को निकाले गए थे. न्यायमूर्ति पंकज मिथाल और न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव की पीठ ने यह निर्देश दिया. पीठ उन सैंकड़ों अभ्यर्थियों द्वारा दायर एक दर्जन से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी जिन्होंने आरोप लगाया था कि कई सवालों के जवाब गलत थे. संपूर्ण रिकार्ड देखने और दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पाया, "इस मामले में हम यह उचित नहीं पाते कि आयोग को नए सिरे से परीक्षा कराने का निर्देश दिया जाए, बल्कि हमें लगता है कि न्याय तभी मिलेगा जब इन रिट याचिकाओं का कुछ निर्देशों के साथ निपटान हो."

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अदालत ने निर्देश दिया कि आयोग सभी अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन करे. अदालत ने यह निर्देश भी दिया, "इस पुनर्मूल्यांकन के परिणामस्वरूप प्रारंभिक परीक्षा में क्वालीफाई करने वाले अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में शामिल होने के पात्र होंगे. वहीं दूसरी ओर, जिन अभ्यर्थियों ने पूर्व में आयोजित प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है लेकिन पुनर्मूल्यांकन के बाद वे प्रारंभिक परीक्षा क्वालीफाई करने में विफल रहते हैं तो उनकी उम्मीदवारी निरस्त मानी जाएगी और वे इस चयन प्रक्रिया में आगे हिस्सा लेने के पात्र नहीं होंगे."

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उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने अपर अधीनस्थ सेवाओं के 677 पदों को भरने के लिए 22 फरवरी, 2017 को विज्ञापन जारी किया था और प्रारंभिक परीक्षा आयोजित कराई थी जिसके बाद आयोग ने प्रमुख उत्तरों को नवंबर 2017 में अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया था.
(इनपुट भाषा से)


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