उत्तर प्रदेश : खाना-पानी की किल्लत पर भड़के COVID-19 अस्पताल के मरीज़ - "क्या हम जानवर हैं, जो..."

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जहां एक मरीज कोरोनावायरस (COVID-19) के सरकारी अस्पताल में खाने और पानी की कमी के कारण विरोध जताया.

उत्तर प्रदेश : खाना-पानी की किल्लत पर भड़के COVID-19 अस्पताल के मरीज़ -

प्रयागराज के COVID-19 अस्पताल में मरीजों ने अव्यवस्था पर उठाया सवाल

प्रयागराज:

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जहां एक मरीज कोरोनावायरस (COVID-19) के सरकारी अस्पताल में खाने और पानी की कमी के कारण विरोध जताया. तीन मिनट के वीडियो में एक मरीज ने प्रयागराज के कोटवा बानी इलाके में कोविड-19 एल1 कैटेगरी के अस्पताल के बारे में शिकायत बता रहा है कि यहां सुविधा के मामले में हालत जानवरों जैसी है. गुरुवार को अधिकारियों द्वारा दो घंटे तक अस्पताल में पानी की आपूर्ति उपलब्ध न करा पाने के बाद विरोध प्रदर्शन हुआ.

एक मरीज अस्पताल की बिल्डिंग से बाहर निकलते हुए चिल्लाता है, "आपने हमें जानवरों में बदल दिया है. क्या हम जानवर हैं? क्या हमें पानी की जरूरत नहीं है." इसके बाद कई और मरीज भी विरोध करने वाले मरीज के साथ खड़े हो गए.

जो शख्स वीडियो बना रहा था, उसने अपना फोन घुमाकर दिखाया कि अस्पताल के एंट्री पर कई लोग इकठ्ठे खड़े हैं और इसके बाद उसने अस्पताल के बोर्ड को भी दिखलाया. वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने पूछा कि क्या आपको सही से खाना मिल रहा है? इस पर कई लोगों ने एक साथ चिल्लाकर बोला, 'नहीं.' उन्हीं में से एक वृद्ध ने जोर से कहा, ''यह सब कच्चा-पक्का (अधपका) है.''

कुछ मरीजों द्वारा बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए अधिकारियों को पैसे की पेशकश करते हुए भी सुना जा सकता है. उसी अस्पताल में महिला मरीज ने कहा, ''अगर आपके पास पैसे नहीं है तो हमसे ले लें. अगर ऐसी हालत बनी रही तो अधिकारियों को बताएं कि हम यहां से छोड़कर घर चले जाएंगे.''

प्रयागराज के चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMO) ने अपने एक बयान में दावा किया कि दो घंटे के भीतर पानी की आपूर्ति की समस्या खत्म हो गई थी. उन्होंने कहा, ''तकनीकी खराबी के कारण ताजा पानी सप्लाई में दिक्कत हो रही थी. हमने एक इलेक्ट्रिशियन को बुलाया और दो घंटे में समस्या खत्म कर दी. यहां हमेशा टंकी में पानी रहता है, लेकिन मरीज नहाने के लिए ताजा पानी प्रयोग में लाते हैं. हमने यह समस्या जल्द ही खत्म कर दी.''

उत्तर प्रदेश में यह पहली बार नहीं, जब मरीजों ने कोविड-19 अस्पतालों या क्वारंटीन सुविधाओं में अव्यवस्था को लेकर शिकायत किया है. ऐसी ही घटना राज्य के इटावा और आगरा जिले में भी हो चुकी है. 

कुछ दिनों पहले राज्य के मेडिकल शिक्षण विभाग ने लेवल 2 और लेवल 3 के कोविड-19 वार्ड में मरीजों को मोबाइल फोन प्रयोग करने के लिए प्रतिबंधित कर दिया था, लेकिन विवाद बढ़ने के बाद इस निर्देश को वापस ले लिया गया.

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