योगी सरकार के फीस अध्यादेश के खिलाफ निजी स्कूलों के संगठन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका

याचिका में कहा गया है कि ये अध्यादेश समानता के अधिकार और रोजगार की आजादी के मौलिक अधिकारों का हनन करता है.

योगी सरकार के फीस अध्यादेश के खिलाफ निजी स्कूलों के संगठन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो )

नई दिल्ली:

इनडिपेन्डेंट स्कूल्स फेडरेशन आफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर लाये गये फीस अध्यादेश को असंवैधानिक घोषित कर रद्द किये जाने की मांग की है. याचिका में कहा गया है कि ये अध्यादेश समानता के अधिकार और रोजगार की आजादी के मौलिक अधिकारों का हनन करता है. याचिका में अध्यादेश पर अंतरिम रोक लगाने की भी मांग की गई है. उत्तर प्रदेश सरकार ने इसी साल 9 अप्रैल को फीस अध्यादेश जारी कर निजी स्कूलों की फीस नियमित करने के नियम बनाए हैं.

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याचिकाकर्ता का कहना है कि सीबीएसई और आईसीएससी बोर्ड से संबंधित स्कूलों को पहले ही राज्य सरकार शिक्षकों की योग्यता और फीस तय करने के बारे में अनापत्ति प्रमाणपत्र दे चुकी है. सीबीएसई पहले ही शिक्षकों को अच्छा वेतन देने के लिए फीस स्ट्रक्चर तय करने की कमेटी बना चुका है. अब इस नये अध्यादेश के जारी होने के बाद राज्य के निजी स्कूल फीस के मुद्दे पर दो नियमों से संचालित होंगे. एक तो सीबीएसई के नियम से जिसकी पहले ही कमेटी बनी हुई है दूसरी इस अध्यादेश से. 
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