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उत्तर प्रदेश : क्या योगी सरकार आजम खान की इमारतें जब्त करेगी?

रामपुर के डीएम ने दो विशाल भवनों की लीज़ रद्द करने की सिफारिश की, राज्यपाल राम नाईक ने भी सीएम योगी से कार्रवाई की मांग की

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उत्तर प्रदेश : क्या योगी सरकार आजम खान की इमारतें जब्त करेगी?

आजम खान के रामपुर के दो भवनों की लीज रद्द करने की सिफारिश की गई है.

लखनऊ:

यूपी की योगी सरकार सपा नेता आज़म खान की दो विशाल इमारतों को ज़ब्त कर सकती है. रामपुर के डीएम ने इनकी लीज़ रद्द करने की सिफारिश की है. नवाबों के जमाने की इन विशाल इमारतों में सपा का दफ़्तर और स्कूल चलते हैं. उधर यूपी के राज्यपाल राम नाईक ने भी सीएम योगी से आज़म के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. योगी सरकार आज़म को भू माफिया भी घोषित कर चुकी है. सपा ने इस मुद्दे पर आज यूपी विधानसभा में विरोध ज़ाहिर किया.

रामपुर में बीच शहर में लाल रंग की एक आलीशान इमारत है जिसमें नवाबी ज़माने से मुर्तज़ा स्कूल चला आ रहा था. इसी में DIOS और BSA का ऑफिस भी था. उनकी सरकार में यह उनके जौहर ट्रस्ट को लीज़ पर मिली थी. आज़म ख़ान ने इसके एक हिस्से में रामपुर पब्लिक स्कूल और दूसरे में समाजवादी पार्टी का दफ़्तर बनाया है. रामपुर के डीएम अंजय कुमार का कहना है कि यहां पार्टी दफ़्तर चलना लीज़ की शर्तों के खिलाफ है. इसी तरह रामपुर का मदरसा आलिया 150 साल पुराना मदरसा था. कभी इजिप्ट की अल अज़हर यूनिवर्सिटी से इसकी मान्यता थी. इसके एक हिस्से में एक यूनानी अस्पताल था. डीएम का इल्ज़ाम है कि आज़म ख़ान ने उसे बंद करा दिया अपने ट्रस्ट को अलॉट करवा दिया.

डीएम अंजय कुमार ने एनडीटीवी से कहा कि  "इस मदरसे के 2001 में अरबी यूनिवर्सिटी बनने का प्रस्ताव था लेकिन इसमें टीचर्स कम होने का हवाला दिया गया और फिर उसको रेनोवेशन में डाल दिया गया. रेनोवेशन सीएनडीएस के द्वारा किया जा रहा था और उसके बाद उसमें तालाबंदी ही कर दी गई. उस समय के अगर प्रिंसिपल का लेटर देखें तो प्रिंसिपल ने कई बार इस बात का उल्लेख किया है कि तालाबंदी की वजह से विद्यार्थी वहां पढ़ने नहीं जा पा रहे हैं. मैंने सरकार से इनकी लीज़ रद्द करने की सिफारिश की है."


यूपी की बीजेपी सरकार ने आजम खान के खिलाफ कई कार्रवाई की हैं. उन पर जमीन हड़पने और आचार संहिता उल्लंघन के 44 मुक़दमे दर्ज किए हैं. उन्हें भू माफिया घोषित किया है. उनका बनवाया उर्दू गेट तोड़ा गया. सरकारी गेस्ट हाउस से उनका क़ब्ज़ा खाली कराया गया. नवाबी यतीम खाने में बनी उनकी इमारत तोड़ने की नोटिस भी दिया है.

अब यूपी के राज्यपाल राम नाईक ने भी सीएम योगी से आज़म ख़ान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उनसे मिले रामपुर के एक डेलिगेशन ने आरोप लगाया था कि जौहर यूनिवर्सिटी की दीवार बनाने को उन्होंने ज़बरदस्ती ज़मीनें खरीदी हैं. राज्यपाल ने सीएम योगी को अपने खत में लिखा है कि,"रामपुर जिले में स्थित जौहर यूनिवर्सिटी की बाउंड्री वॉल बनाकर ग्राम आलियागंज के किसानों  की भूमि पर अवैध क़ब्ज़े का उल्लेख प्रतिवेदन में किया गया है. इस प्रतिवेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने एवं प्रकरण में योग्य न्याय की अपेक्षा में प्रतिवेदन आपको प्रेषित किया जा रहा है."

प्रदेश विधानसभा में इस मुद्दे पर आज हंगामा होता रहा. समाजवादी पार्टी का आरोप है कि बीजेपी सरकार सियासी रंजिश में आज़म ख़ान को फंसा रही है.

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समाजवादी पार्टी विधायक दल के नेता रामगोविंद चौधरी ने सदन में कहा कि "आज़म ख़ान को सरकार के इशारे पर नहीं, सरकार स्वयं उनको अपमानित करना चाहती है. उनको जेल भेजना चाहती है. उनके मध्यम से समाजवादी पार्टी को दबाव में लेना चाहती है. उनके माध्यम से प्रदेश के अल्पसंख्यकों में भय पैदा करना चाहती है."

लेकिन बीजेपी कहती है कि सब कुछ कानून के दायरे में हो रहा है. यूपी सरकार के मंत्री और सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने लखनऊ में पत्रकारों से कहा कि "यह योगी राज है. किसी को क़ानून अपने हाथ में लेने की इजाज़त नहीं है.और कोई भी प्रयास करेगा तो उस पर सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाएगी."



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