उत्तर प्रदेश: योगी सरकार ने आने वाले प्रवासी श्रमिकों की स्किल मेंपिंग कर तैयार की पहली सूची

दूसरे राज्यों से आने वाले श्रमिकों का स्किलिंग डाटा इकठ्ठा करने का काम जारी, श्रमिक कल्याण आयोग के गठन की शुरू हुई तैयारी

उत्तर प्रदेश: योगी सरकार ने आने वाले प्रवासी श्रमिकों की स्किल मेंपिंग कर तैयार की पहली सूची

प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली:

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में दूसरे राज्यों से आने वाले श्रमिकों की स्किल मैंपिंग कर पहली सूची तैयार कर ली गयी है. उत्तर प्रदेश सरकार आने वाले हर श्रमिक एवं कामगार की सम्मानजनक व सुरक्षित वापसी करवा रही है. आने वाले हर कामगार व श्रमिकों को रोजगार मिले, इसके लिए सरकार ने श्रमिक (सेवायोजन एवं रोजगार) कल्याण आयोग के गठन की तैयारी शुरू कर दी है. संभवत: दो तीन दिनों में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. अब तक 24 लाख से अधिक लोगों ने यूपी का रुख किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का उदेश्य है कि हर हाथ को काम मिले, इसके लिए हमारा प्रयास जारी है. यह जानकारी सोमवार को लोकभवन में कोरोना वायरस के संबंध में किए गए प्रेस कांफ्रेंस में अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने पत्रकारों को दी. 

अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि स्किल मैंपिंग की पहली लिस्ट में ही ऑटो मोबाइल व कार और बाइक रिपेयर से संबंधित 1527 श्रमिक आए हैं. इसी प्रकार 16 हजार 262 कॉरपेंटर, 9006 ड्राइवर, 1 लाख 52 हजार रियल स्टेट से संबंधित श्रमिक, 306 डाटा इंट्री ऑपरेटर, 4980 इलेक्ट्रीशियन, फर्नीचर फिटिंग में हुनरमंद 2234 श्रमिक, गारमेंट व टेलरिंग 12 हजार 103, 26 हजार पेंटर, हेंडी क्राफ्ट से संबंधित 1294 कारीगर, 424 नर्स, 202 संगीत शिक्षक और 3364 सिक्योरिटी गार्ड आए हैं. उन्होंने बताया कि सोमवार को टीम 11 के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कामगारों व श्रमिकों की सुरक्षित वापसी, रोजगार उपलब्ध कराने, और माइग्रेशन कमीशन के गठन पर विस्तार से समीक्षा की.

अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि दूसरे प्रदेश से आने वाले सभी श्रमिकों और कामगारों की स्किल मैपिंग करवाकर उनके स्किल के अनुसार उन्हें अप्रेंटिस भी कराया जाए. इस दौरान उन्हें मानदेय भी देने का निर्देश सीएम योगी ने दिया. हर जिले में श्रम व सेवायोजन कार्यालय में श्रमिकों व कामगारों का डाटा उपलब्ध कराने का निर्देश सीएम योगी ने दिया है. उन्होंने बताया कि सभी श्रमिकों व कामगारों का बीमा कवर भी किया जाएगा. कामगारों व श्रमिकों को सोशल सिक्योरिटी की गारंटी पर ही अन्य राज्यों को आवश्यकतानुसार मैन पावर उपलब्ध कराया जाएगा. दूसरे राज्यों से आने वाले सभी श्रमिकों और कामगारों के लिए आवासीय व्यवस्था भी की जाएगी.

अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के लिए लगातार श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि सोमवार 2 बजे तक यूपी में 1174 ट्रेन आ गई हैं. जिनमें 15 लाख 62 हजार लोग आए हैं. उन्होंने बताया कि दो से तीन दिनों के अंदर 102 ट्रेने आने वाली हैं. इसके अतिरिक्त भी ट्रेनों के आने की अनुमति दी गई है. इस प्रकार 1361 ट्रेनों की व्यवस्था कर दी गई है. 1361 ट्रेनों के माध्यम से 18 लाख लोगों के आने की व्यवस्था कर ली गई है. 

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प्रदेश में अब 2606 एक्टिव केस, 3581 मरीज हुए स्वस्थ
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि प्रदेश में 11 मई से ही प्रदेश में एक्टिव केस कम है और ठीक होने वाले मरीजों की संख्या अधिक होने का क्रम जारी है. उन्होंने बताया कि वर्तमान में 2606 एक्टिव केस हैं. उपचार के बाद 3581 पेशेंट पूरी तरह स्वस्थ हो गए हैं और उन्हें घर भेज दिया गया है. हालांकि अबतक 165 लोगों की मौत भी हुई है. उन्होंने बताया कि रविवार को 7314 सैंपलों की टेस्टिंग की गई. उन्होंने बताया कि रविवार को 5—5 सैंपलों के पूल और 10—10 सैंपलों के 936 पूल टेस्ट किए गए. जिनमें से 161 पूल पॉजिटीव मिले. अबतक आइसोलेशन में 2711 लोगों को और क्वारंटाइन में 10270 लोगों को रखा गया है. 

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के सर्विलांस में 91 हजार 347 टीम लगी रहीं. इन टीमों ने 11 हजार 920 इलाकों में 72 लाख 18 हजार 440 घरों का सर्वेक्षण किया. साथ ही 3 करोड़ 62 लाख 29 हजार 716 लोगों की जांच भी किया. उन्होंने बताया कि प्रदेश में काफी संख्या में कामगार व श्रमिकों की वापसी हुई है. सभी को होम क्वारंटीन में 21 दिनों तक रहने के लिए कहा गया है. होम क्वारंटीन में रहने वालों की जांच के लिए आशा वर्करों को भी तैनात किया गया है. उन्होंने बताया कि आशा वर्करों द्वारा अबतक 8 लाख 50 हजार 899 लोगों की जांच गई है. जांच के दौरान 892 लोगों के अंदर लक्षण मिले. जिनका उपचार किया जा रहा है. प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि आरोग्य सेतु ऐप से स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम द्वारा 34 हजार 935 फोन कॉल किए गए.