सीएम योगी के पिता के अंतिम संस्कार के बाद कर्म काण्ड की बात कहकर उत्तराखंड गए थे विधायक, अब की जा रही मामले की जांच

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता के अंतिम संस्कार के बाद कर्म काण्ड करने जाने की बात कहकर उत्तराखंड जाते वक्त गिरफ्तार किए गए निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी ने दावा किया है कि उनके पास वैध पास है और प्रशासन को कोई गलतफहमी हुई है.

सीएम योगी के पिता के अंतिम संस्कार के बाद कर्म काण्ड की बात कहकर उत्तराखंड गए थे विधायक, अब की जा रही मामले की जांच

उत्तराखंड पुलिस ने जबरन बैरियर लांघने के मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

देहरादून :

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता के अंतिम संस्कार के बाद कर्म काण्ड करने जाने की बात कहकर उत्तराखंड जाते वक्त गिरफ्तार किए गए निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी ने दावा किया है कि उनके पास वैध पास है और प्रशासन को कोई गलतफहमी हुई है. उधर, उत्तराखंड पुलिस ने त्रिपाठी द्वारा चमोली जिले में जबरन बैरियर लांघने के मामले की जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि अगर कानून उल्लंघन की बात सही पाई गई तो विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

बिजनौर में गिरफ्तार किए गए अमनमणि और उनके छह साथियों को मजिस्ट्रेट दिलीप कुमार सचान के न्यायालय ने 20-20 हजार के मुचलकों पर छोड़ने के आदेश दिए. महाराजगंज की नौतनवा सीट से निर्दलीय विधायक अमनमणि ने अदालत परिसर में कहा कि उनके पास उत्तराखंड सरकार द्वारा दिया गया पास था लेकिन इसके बावजूद उन्हें नहीं जाने दिया गया.

उन्होंने कहा कि उन्हें जारी पास में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता के अंतिम संस्कार के बाद कर्मकाण्ड मे शामिल होने तथा बद्रीनाथ तथा केदारनाथ जाने का भी जिक्र था मगर प्रशासन को कोई गलतफहमी हो गयी.

हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि "इस बारे में स्पष्ट किया जाता है कि उन्हें (अमनमणि) न तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने और ना ही राज्य सरकार ने अधिकृत किया था. त्रिपाठी अपने कृत्यों के लिए खुद जिम्मेदार हैं और उनके द्वारा तथ्यों को भ्रामक रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ जोड़ना आपत्तिजनक है."

बिजनौर की अदालत में अभियोजन पक्ष के अनुसार विधायक अमनमणि तथा छह अन्य लोगों को उत्तराखंड से लौटते हुए बिजनौर के नजीबाबाद में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी आवागमन की कोई वैध स्वीकृति न दिखा पाने के कारण मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया था. रात में उन्हें थाना नजीबाबाद में ही रखा गया था.

बिजनौर के पुलिस अधीक्षक संजीव त्यागी ने बताया कि कोर्ट परिसर से विधायक अमनमणि सहित सभी सातों लोगों को चांद बैंक्वेट हॉल नजीबाबाद मे 14 दिन के लिए पृथक-वास में रखा गया है. इस बीच उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में चमोली के पुलिस अधीक्षक को जांच करने के आदेश दिए हैं.

कुमार ने कहा, ‘‘मेरे संज्ञान में आया है कि चमोली में वह (अमनमणि) जबरदस्ती बैरियर लांघकर गये हैं. मैंने चमोली के पुलिस अधीक्षक को इसकी जांच करने को कहा है. अगर यह सही पाया जाता है तो उनके खिलाफ अतिरिक्त मुकदमा दर्ज किया जाएगा.''

रविवार को बदरीनाथ-केदारनाथ की यात्रा पर जा रहे विधायक अमनमणि त्रिपाठी तथा उनके साथियों के खिलाफ लॉकडाउन का उल्लंघन करने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने आपदा प्रबंधन अधिनियम और महामारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था.

हालांकि, टिहरी जिले के मुनि की रेती पुलिस थाने में विधायक और उनके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया, लेकिन 41 ए का नोटिस जारी करते हुए उन्हें तत्काल छोड़ दिया गया. इससे पहले, अमनमणि और उनके साथियों के तीन कारों के काफिले को कर्णप्रयाग के पास बैरियर लगाकर रोका और वापस लौटा दिया.

कर्णप्रयाग के उपजिलाधिकारी वैभव गुप्ता के अनुसार, बदरीनाथ मंदिर के कपाट अभी बंद होने के कारण विधायक त्रिपाठी और उनके दल को कर्णप्रयाग से वापस भेज दिया गया. लेकिन बाद में टिहरी जिले के मुनि की रेती क्षेत्र में पहुंचने पर पुलिस ने उन्हें फिर रोका और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया.

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अमनमणि और उनके 10 साथियों के लिए तीन वाहनों में बदरीनाथ और केदारनाथ जाने के लिए अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने देहरादून के जिलाधिकारी आशीष श्रीवास्तव को पत्र लिखकर ''अनुमति'' देने को कहा था. पत्र में ओम प्रकाश ने कहा था कि त्रिपाठी तथा उनके साथ 10 अन्य सदस्यों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वर्गीय पिताजी के ''श्राद्ध कार्य'' के लिए बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम जाना है जिसके लिए अनुमति प्रदान करने का कष्ट करें.

हालांकि, प्रकाश ने बाद में कहा कि जिलाधिकारी की अनुमति देने से पहले जांच करनी चाहिए थी. हालांकि, जिलाधिकारी श्रीवास्तव ने इस मसले पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया. 



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)