लखनऊ और नोएडा 'पुलिस कमिश्नर' सिस्टम से कम हो जाएगी DM की पावर, जानिए और क्या होगा असर

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बड़ा फैसला करते हुए लखनऊ और नोएडा में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू कर दिया है. अब इन दोनों ही शहरों के पुलिस प्रशासन की कमान एसएसपी के बजाए कमिश्नर के हाथ में होगी.

लखनऊ और नोएडा 'पुलिस कमिश्नर' सिस्टम से कम हो जाएगी DM की पावर, जानिए और क्या होगा असर

उत्तर प्रदेश पुलिस में योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बदलाव किया है

खास बातें

  • यूपी पुलिस में बड़ा बदलाव
  • लखनऊ और नोएडा में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू
  • बढ़ जाएगी पुलिस की पावर
लखनऊ:

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बड़ा फैसला करते हुए लखनऊ और नोएडा में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू कर दिया है. अब इन दोनों ही शहरों के पुलिस प्रशासन की कमान एसएसपी के बजाए कमिश्नर के हाथ में होगी. यह यूपी पुलिस में बड़ा बदलाव माना जा रहा है. अगर इस सिस्टम की तह में जाएं तो अब कानून और व्यवस्था के सिलसिले में अब तक तक जो पावर एडीएम और एसीएम के पास होती थी अब वह पुलिस के पास चली गई है. इसके साथ ही डीएम की मजिस्ट्रेट स्तर की पावर भी अब कमिश्नर के हाथ में चली गई है. इस फैसले में निहित के बड़े पहलू को देखें तो इससे आईपीएस कॉडर मजबूत जबकि आईएएस कॉडर की पावर कम हो जाएगी.  इसके साथ ही ट्रांसफर पोस्टिंग का अधिकार भी कमिश्नर के पास होंगे, इस लिहाज से यह प्रयोग कितना सफल होगा यह भी देखने वाली बात होगी क्योंकि थानों में पोस्टिंग को लेकर डीएम और एसएसपी के बीच कई जगहों पर झगड़ा भी देखने को मिला है. हालांकि सीएम योगी आदित्यनाथ का दावा है कि यह पुलिस सिस्टम में एक बड़ा सुधार है और इसकी 50 सालों से जरूर थी और इस पर फैसला लेने के लिए राज्य सरकारें साहस नहीं कर पा रही थीं. 

क्या बदलाव हो जाएगा
माना जा रहा है कि  लखनऊ को दो जिलों में बांट दिया जाएगा. शहरी  लखनऊ में कमिश्नर सिस्टम और ग्रामीण लखनऊ में एसएसपी सिस्टम होगा. 40 लाख की आबादी वाले पूरे लखनऊ का इंचार्ज पहले  एसएसपी होता था. अब शहरी लखनऊ में पुलिस का मुखिया कमिश्नर जो कि आईजी रैंक का होगा. उसके नीचे डीआईजी रैंक के ज्वाइंट कमिश्नर होंगे. इसके बाद 10 डीसीपी होंगे. 5 डीसीपी अलग-अलग जोन के होंगे. ये डीसीपी एसपी रैंक के अफसर होंगे और 5 डीसीपी अलग-अलग फील्ड के होंगे, उदाहण के लिए के लिए डीसीपी लॉ एंड ऑर्डर, प्रसीक्यूशन, ट्रैफिक इत्यादि. इस नई व्यवस्था के तहत पुलिसिंग सिस्टम में एरिया छोटा और अफसरों की तादात बढ़ा दी गई है. लखनऊ और नोएडा थाने बढ़ाए जाएंगे. इसके अलावा अब गुंडा एक्ट लगाने, गैंगेस्टर एक्ट लगाने, धारा-144 लागू करने का अधिकार पुलिस के पास होगा. इस लिहाज से पुलिस के पास ज्यादा पावर हो गई है. एक अच्छाई है कि पुलिस और प्रशासन के बीच झगड़ा कम होगा. लेकिन सिस्टम में बुराई यह है कि इससे पुलिस व्यवस्था का केंद्रीयकरण हो जाएगा जो कि कई लिहाज से ठीक नहीं है.

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