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नोएडा आने के बाद इन मुख्यमंत्रियों की गई थी कुर्सी, कुछ ने दिखाई हिम्मत तो कई घबराए

उत्तर प्रदेश का ये हाइटेक शहर मुख्यमंत्रियों के दर्शन के लिए तरसता रहा. समाजवादी विचारधारा वाले मुख्यमंत्री भी इसी डर से नोएडा नहीं आते थे.

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नोएडा आने के बाद इन मुख्यमंत्रियों की गई थी कुर्सी, कुछ ने दिखाई हिम्मत तो कई घबराए

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ शनिवार को नोएडा आए

खास बातें

  1. सीएम योगी ने तोड़ा दशकों पुराना मिथक
  2. शनिवार को योगी आए नोएडा
  3. अखिलेश-राजनाथ नहीं जुटा पाए थे हिम्मत
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने एक दशकों पुराने अंधविश्वास को तोड़ दिया. यूपी में करीब 35 सालों से एक अंधविश्वास सभी मुख्यमंत्रियों पर हावी था कि जो भी नोएडा है उसकी कुर्सी चली जाती है. उत्तर प्रदेश का ये हाइटेक शहर मुख्यमंत्रियों के दर्शन के लिए तरसता रहा. समाजवादी विचारधारा वाले मुख्यमंत्री भी इसी डर से नोएडा नहीं आते थे. दरअसल इस अंधविश्वास के पीछे कई बातें जुड़ी थीं जो इस दावे के पुख्ता करती थीं. 

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1982 में विश्वनाथ प्रताप सिंह की कुर्सी गई
तत्कालीन यूपी के सीएम विश्वनाथ प्रताप सिंह नोएडा में वीवी गिरी श्रम संस्थान का उद्घाटन करने आए थे. उसके बाद वह मुख्यमंत्री पद से हट गए. 
 

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वीर बहादुर सिंह की भी सत्ता गई
साल 1988 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह फिल्म सिटी स्थित एक स्टूडियो में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने आए. वहां से उन्होंने कालिंदी कुंज पार्क का उद्घाटन किया था. उसके कुछ माह बाद ही वह मुख्यमंत्री पद से हट गए.
 
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नारायण दत्त तिवारी भी नहीं टिक पाए
वीर बहादुर सिंह के सीएम पद से हटने के बाद नारायण दत्त तिवारी यूपी के मुख्यमंत्री बने. वह भी नोएडा के सेक्टर 12 स्थित नेहरू पार्क का उद्घाटन करने वर्ष 1989 में आए. उसके कुछ समय बाद वह भी मुख्यमंत्री पद से हट गए.

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मुलायम सिंह यादव को भी पड़ गया भारी
साल 1994 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव नोएडा के सेक्टर 40 स्थित खेतान पब्लिक स्कूल का उद्घाटन करने आए. यादव ने मंच से कहा कि मैं इस मिथक को तोड़ कर जाऊंगा कि जो मुख्यमंत्री नोएडा आता है उसकी कुर्सी चली जाती है. उसके कुछ माह बाद ही वह मुख्यमंत्री पद से हट गए. इसके बाद 6 सालों तक कोई नोएडा नहीं आया.

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राजनाथ सिंह भी आने से घबराए 
साल 2000 में जब डीएनडी फ्लाईओवर का उद्घाटन हुआ तो उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने नोएडा आने के बजाय दिल्ली से ही इसका उद्घाटन किया.

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मायावती आईं लेकिन....
मायावती ने 2008 में इस मिथक को तोड़ा. वह नोएडा में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करने आईं. उसके बाद वह लगातार चार बार नोएडा आईं. 

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अखिलेश यादव ने तो देखा तक नहीं
मायावती के सत्ता से हटने के बाद अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने. लेकिन वह अपने पूरे कार्यकाल के दौरान इस औद्योगिक शहर में नहीं आए.

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फिर आए योगी आदित्यनाथ
सीएम 23 दिसंबर को शनिवार उन्होंने नोएडा आकर इस भ्रम को भी तोड़ दिया. इसके पीछे एक वजह यह भी है कि आज यानी 25 दिसंबर को पीएम मोदी नोएडा के बोटैनिकल गॉर्डेन पर मजेंटा लाइन मेट्रो का उद्घाटन करेंगे. इस कार्यक्रम से जुड़ी तैयारियों का जायजा लेने के लिए सीएम योगी शनिवार को नोएडा थे.

 


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