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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बोले- गाय ऑक्सीजन छोड़ने वाला एकमात्र पशु

उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट के बाद अब राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी यह कहते हुए एक नया विवाद छेड़ दिया है कि गाय ऑक्सीजन छोड़ने वाला एकमात्र पशु है.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बोले- गाय ऑक्सीजन छोड़ने वाला एकमात्र पशु

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत- (फाइल फोटो)

खास बातें

  • उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का बयान
  • गाय ऑक्सीजन छोड़ने वाला एकमात्र पशु
  • CM रावत ने एक समारोह में गाय के रोगनाशक गुणों के बारे में बताया
नई दिल्ली:

उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट के बाद अब राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी यह कहते हुए एक नया विवाद छेड़ दिया है कि गाय ऑक्सीजन छोड़ने वाला एकमात्र पशु है. भट्ट ने यह भी कहा कि गाय की मालिश करके सांस संबंधी समस्या का उपचार किया जा सकता है. वायरल हुए एक वीडियो में मुख्यमंत्री रावत एक समारोह में गाय के रोगनाशक गुणों के बारे में बताते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में रावत कह रहे हैं, ‘‘गाय एकमात्र ऐसा पशु है जो ऑक्सीजन लेता और छोड़ता है, इसलिये हमने गाय को माता का दर्जा दिया है क्योंकि वह हमें प्राणवायु देती है.'

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वह कहते दिख रहे हैं कि गाय की मालिश करने से सांस की तकलीफ दूर हो जाती है और गाय के संपर्क में लगातार रहने से टीबी जैसी बीमारी ठीक हो जाती है. वीडियो में मुख्यमंत्री गाय के गोबर और गौमूत्र के औषधीय गुणों के बारे में भी बता रहे हैं. उन्होंने कहा कि पशुपालन मंत्री रहते हुए उन्होंने इसके बारे में वैज्ञानिक अध्ययन भी कराया था. रावत वीडियो में कहते दिख रहे हैं, ‘‘गाय के गोबर और गौमूत्र में कितनी ताकत है और हमारे शरीर, त्वचा, हृदय और किडनी के लिये यह कितना फायदेमंद है, वैज्ञानिक आज इसे प्रमाणित कर रहे हैं.''

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इससे पहले, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं नैनीताल से नवनिर्वाचित सांसद अजय भट्ट ने दावा किया था कि बागेश्वर में बहने वाली गरूड़गंगा के पानी को पत्थर से घिस कर अगर गर्भवती महिला को पिला दिया जाये तो प्रसव के लिए ऑपरेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी. मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने यह कहते हुए मुख्यमंत्री का बचाव किया कि उन्होंने वही कहा है जो उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में आम मान्यता है. उन्होंने नाम उजागर न किये जाने का अनुरोध करते हुए कहा, ‘‘गाय के दूध और गौमूत्र के औषधीय गुणों के बारे में सब जानते हैं और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग यह भी विश्वास करते हैं कि वह हमें आक्सीजन देती है.'

(इनपुट भाषा से)

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