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उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश के आसार, 30 जून से 72 घंटे का अलर्ट

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उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश के आसार, 30 जून से 72 घंटे का अलर्ट

सांकेतिक तस्वीर

देहरादून:

उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट बदलने को तैयार है। मौसम विभाग ने 30 जून से 2 जुलाई तक कुमाऊं मंडल के नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर व पिथौरागढ़ और उससे लगते गढ़वाल अंचल के चमोली, उत्तरकाशी व रुद्रप्रयाग जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।

मौसम विभाग की सलाह पर शासन ने इन जिलों में प्रशासनिक अमले के साथ-साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ को भी सतर्क कर दिया है। शासन ने मानसरोवर यात्रा मार्ग पर भी अलर्ट जारी करते हुए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आईटीबीपी की तैनाती करते हुए संवेदनशील स्थानों के आसपास हेलीकॉप्टर की भी तैनाती कर दी है।

इस बार मॉनसून में रिकॉर्डतोड़ बारिश होगी
उत्तराखंड में मॉनसून की आमद आंकड़ों के हिसाब से खासी मुफीद है, लेकिन ये मॉनसून अब संकट का सबब बन सकता है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान यदि सही साबित हुआ तो सूबे में मॉनसून इस बार भी रिकॉर्ड तोड़ेगा। ऐसे में भू-स्खलन की घटनाओं में तो बढ़ोतरी होगी ही नदियां भी ऊफान पर रहेंगी।

अपर सचिव उत्तराखंड शासन, संतोष बडोनी का कहना है, 'इस सब के मद्देनजर मौसम विभाग ने शासन को सावधानी बरतने को कहा है। चारधाम यात्रा मार्गों के साथ-साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर भी शासन ने आपदा एवं प्रबंधन में लगे विभागों को अलर्ट कर दिया है। इस समय जहां चारधाम यात्रा मार्गों पर हजारों लोग मौजूद हैं, वंही कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर भी चार दल मौजूद हैं। इनमें से दो दल भारतीय सीमा पार करके नेपाल पहुंच चुके हैं और दो यात्री दल अभी भारतीय सीमा में ही हैं।'


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नदी किनारे शहरों को अलर्ट
उधर मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह मानते हैं कि मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर शासन ने कुमाऊं व गढ़वाल मंडल के सभी जिलों में आला अधिकारियों को अलर्ट करते हुए सभी से विशेष सतर्कता बरतने, ख़ासकर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों व नदियों के किनारे बसे शहरों के वाशिंदों को सावधान रहने को कहा है।'

संभावित बारिश के चलते चारधाम यात्रा मार्गों पर भी सरकार की निगाह है। सभी संवेदनशील स्थानों पर सीमा सड़क संगठन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ को तैनात करने के साथ ही यात्रियों से भी सतर्क रहने को कहा गया है। भूस्खलन संभावित स्थानों पर सरकार का ख़ास फोकस है।



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