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INDvsWI : क्यों भावुक हुए कैरेबियाई कप्तान सैमी और सहवाग ने धोनी के किस निर्णय को माना गलत

INDvsWI : क्यों भावुक हुए कैरेबियाई कप्तान सैमी और सहवाग ने धोनी के किस निर्णय को माना गलत

कैरेबियाई कप्तान डैरेन सैमी की फाइल फोटो

नई दिल्ली:

टी-20 वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल मैच में वेस्टइंडीज के हाथों भारतीय टीम की हार के बाद पूरे स्टेडियम में मायूसी छाई हुई थी। सचिन तेंदुलकर से लेकर अनिल कपूर तक सब इस मायूसी का हिस्सा थे। गेल के आउट हो जाने के बाद सबको यही लग रहा था कि भारत आसानी से यह मैच जीत जाएगा, लेकिन कैरेबियाई टीम की शानदार बल्लेबाजी के सामने भारतीय टीम की गेंदबाज़ी फीकी नज़र आई और वेस्टइंडीज ने सात विकेट से इस मैच को जीत कर फाइनल में जगह पक्की कर ली।

जीत के बाद भावुक हो गए डैरेन सैमी
जब मैच खत्म हो गया तो वेस्टइंडीज के कप्तान डैरेन सैमी थोड़ा भावुक हो गए। सैमी के भावुक होने के पीछे कुछ खास वजह है और वह यह है कि वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों और क्रिकेट बोर्ड के बीच आर्थिक अनुबंध को लेकर पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा है।  इस अनुबंध के चलते बीते कुछ सालों में बोर्ड ने खिलाड़ियों के वेतन में भी काफी कटौती की है, जिसकी वजह से खिलाड़ी खुश नहीं हैं। टी 20 वर्ल्ड कप से पहले यह मसला इतना गंभीर हो गया था कि खिलाड़ी इस सीरीज में भाग लेना ही नहीं चाहते थे। सैमी ने खुद बोर्ड को खत लिख कर नाराज़गी जताई थी।  

गुरुवार को मैच ख़त्म हो जाने के बाद सैमी ने वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड को यह संदेश पहुंचाने की कोशिश की कि उसे खिलाड़ियों की बात मान लेनी चाहिए। सैमी ने कहा की पुरुष क्रिकेट टीम के साथ-साथ महिला क्रिकेट टीम भी शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में पहुंची है, जो बहुत बड़ी बात है।  बोर्ड को यह सब देखते हुए खिलाड़ियों की शर्त मान लेनी चाहिए।

वीरेंद्र सहवाग की नजर में धोनी के यह निर्णय था गलत

वीरेंद्र सहवाग वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में कप्तान धोनी के कुछ निर्णय को लेकर खुश नहीं दिखे। सहवाग का कहना था कि रविचंद्रन आश्विन को सिर्फ दो ओवर गेंदबाज़ी देना गलत निर्णय था। सहवाग का कहना था कि धोनी को अश्विन से पूरा कोटा गेंदबाज़ी करवानी चाहिए थी।

सहवाग ने इसके साथ ही कहा कि वह मानते हैं कि अश्विन के दो ओवर महंगे साबित होते हुए और उन्होंने 20 रन दिए थे, लेकिन अगर अश्विन चार ओवर गेंदबाज़ी करते तो नतीजा कुछ और होता। सहवाग का कहना था कि जडेजा की जगह अश्विन से गेंदबाज़ी करानी चाहिए थी। टीम में हार्दिक पंड्या के चयन को लेकर भी सहवाग खुश नहीं नजर आए।