यमन में हैजे के कारण 1054 लोगों की मौत : डब्ल्यूएचओ

27 अप्रैल के बाद से केवल सात सप्ताहों में 22 में से 20 प्रशासनिक क्षेत्रों में हैजा फैल चुका है

यमन में हैजे के कारण 1054 लोगों की मौत : डब्ल्यूएचओ

डब्ल्यूएचओ ने कहा था कि हैजा के संदिग्ध मामलों की संख्या तीन लाख तक पहुंच सकती है. (फाइल फोटो)

खास बातें

  • हैजा फैलने के कारण मृतकों की संख्या 1,054 पहुंची
  • यमन में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली चरमरा चुकी है
  • जारी संघर्ष के कारण कई अस्पताल बंद हो चुके हैं
नई दिल्ली:

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने घोषणा की है कि यमन में हैजा फैलने के कारण मृतकों की संख्या 1,054 हो गई है. इसके साथ ही हैजा के संदिग्ध मामलों की संख्या बढ़कर 1,51,000 हो गई है. 27 अप्रैल के बाद से केवल सात सप्ताहों में 22 में से 20 प्रशासनिक क्षेत्रों में हैजा फैल चुका है. डब्ल्यूएचओ ने पिछले महीने कहा था कि हैजा के संदिग्ध मामलों की संख्या अगले छह महीनों में तीन लाख तक पहुंच सकती है.

संगठन ने चेतावनी दी है कि यमन में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली चरमरा चुकी है. वर्तमान में जारी संघर्ष के कारण कई अस्पताल बंद हो चुके हैं. उनमें से केवल 45 प्रतिशत का संचालन हो रहा है और वे भी सामान और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे हैं. देश की कुल आबादी के दो तिहाई यानी करीब 1.9 करोड़ लोगों को मानवीय और सुरक्षा सहायता की जरूरत है. करीब 1.03 करोड़ लोग भुखमरी की कगार पर हैं और 1.45 करोड़ को पीने का साफ पानी उपलब्ध नहीं है.
 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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