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ईरान में दो प्रदर्शनकारी मारे गए, सोशल मीडिया एप्स पर रोक लगाई गई

चरमराती अर्थव्यवस्था को लेकर गुरुवार से शुरू हुए प्रदर्शन रविवार को भी जारी रहे.

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ईरान में दो प्रदर्शनकारी मारे गए, सोशल मीडिया एप्स पर रोक लगाई गई

चरमराती अर्थव्यवस्था को लेकर ईरान के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शनों का दौर जारी है

तेहरान: ईरान ने देश के विभिन्न हिस्सों में कई दिनों से जारी प्रदर्शनों के और गंभीर होने के साथ ही इंस्टाग्राम तथा मैसेजिंग एप टेलीग्राम पर रोक लगा दी. प्रदर्शनकारी विभिन्न जगहों पर एकत्र होने के लिए इन सोशल मीडिया मंचों का सहारा ले रहे थे. देश में दो प्रदर्शनकारी मारे गए हैं. चरमराती अर्थव्यवस्था को लेकर गुरुवार से शुरू हुए प्रदर्शन रविवार को भी जारी रहे. ये प्रदर्शन 2009 के विवादित राष्ट्रपति चुनाव के समय हुए प्रदर्शनों के बाद सबसे बड़े प्रदर्शन के रूप में उभर रहा है. अधिकारियों ने प्रदर्शनों पर रोक लगाने की कोशिश के तहत मैसेजिंग एप टेलीग्राम और फोटो साझा करने वाले एप इंस्टाग्राम पर रोक लगा दी. टेलीग्राम के सीईओ पावेल दूरोव ने टि्वटर पर लिखा कि अधिकारियों ने एप तक पहुंच अवरुद्ध कर दी है. ईरान के सरकारी टेलीविजन की वेबसाइट iribnews.ir पर एक अज्ञात सूत्र के हवाले से कहा गया कि ईरान में सुरक्षा कदमों के मद्देनजर सोशल मीडिया को अस्थायी रूप से सीमित कर दिया जाएगा.

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इंस्टाग्राम का मालिकाना हक रखने वाली फेसबुक ने टिप्पणी के लिए भेजे गए आग्रह पर तत्काल कोई जवाब नहीं दिया. 2009 में महमूद अहमदीनेजाद के दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के चलते ईरान में फेसबुक को भी प्रतिबंधित किया जा चुका है. दोरूद शहर के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि प्रदर्शन के दौरान दो लोग मारे गए लेकिन उन्होंने इस बात से इनकार किया कि सुरक्षाबलों ने भीड़ पर गोलीबारी की थी. लोरेस्तान प्रांत के डिप्टी गवर्नर के सुरक्षा उप प्रमुख हबीबुल्लाह खोजास्तेहपुर ने सरकारी टेलीविजन पर कहा कि शनिवार की रात प्रदर्शनकारी अवैध रैली में एकत्र हुए. रैली में संघर्ष के दौरान दो लोग मारे गए.

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ईरान के गृहमंत्री अब्दुल रहमान रहमानी फाजली ने रविवार को सरकारी टेलीविजन पर कहा, 'सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों, व्यवस्था को ध्वस्त करने वालों और कानून तोड़ने वालों को उनके व्यवहार के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए तथा उन्हें कीमत चुकानी होगी.' उन्होंने कहा कि फैल रही हिंसा, डर और आतंक का निश्चित तौर पर मुकाबला किया जाएगा.

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वहीं, ईरान में प्रदर्शनों के मद्देनजर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि दमनकारी शासन हमेशा के लिए नहीं टिके रह सकते. उन्होंने ट्वीट किया, 'लोग अंतत: बुद्धिमान हो रहे हैं कि किस तरह उनके धन और संपत्ति को चुराकर आतंकवाद पर खर्च किया जा रहा है. ऐसा लगता है कि वे इसे अब और नहीं सहेंगे. अमेरिका स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए है.' वर्ष 2013 में सत्ता में आए ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने घटनाक्रम पर अभी कोई बयान नहीं दिया है. ईरान के अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर ज्यादातर खबरें क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी सऊदी अरब और यूरोप स्थित निर्वासित समूहों की ओर से फैलाई जा रही हैं.

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वहीं, शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित ईरानी अधिवक्ता शिरीन एबादी ने एक साक्षात्कार में कहा कि ईरान में अशांति एक बड़े आंदोलन की शुरुआत है और यह 2009 के प्रदर्शनों से ज्यादा व्यापक हो सकती है.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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