पाकिस्तान के लिए भारत के खिलाफ 'रणनीतिक संपत्ति' है अफगान तालिबान: पूर्व अमेरिकी राजनयिक

पाकिस्तान के लिए भारत के खिलाफ 'रणनीतिक संपत्ति' है अफगान तालिबान: पूर्व अमेरिकी राजनयिक

फाइल फोटो

वाशिंगटन:

अमेरिका के एक पूर्व राजनयिक ने कहा है कि पाकिस्तान अफगान-तालिबान को अपनी 'मूल रणनीतिक संपत्ति' मानता है और वह इस आतंकी समूह को छोड़ने नहीं वाला क्योंकि इस्लामाबाद की अफगानिस्तान नीति भारत के खिलाफ 'भू-रणनीतिक पैंतरेबाजी' की है. अफगानिस्तान और पाकिस्तान के लिए अमेरिका के पूर्व विशेष प्रतिनिधि रिचर्ड ओल्सन ने कल कहा कि उन्हें यकीन है कि इस्लामाबाद तालिबान को नहीं छोड़ेगा क्योंकि पाकिस्तानी प्रतिष्ठान के लिए अफगानिस्तान नीति 'भारत के खिलाफ भू-रणनीतिक पैंतरेबाजी' की है.

वाशिंगटन डीसी स्थित थिंक टैंक स्टिमसन इंस्टीट्यूट में अफगानिस्तान और पाकिस्तान पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, ''चूंकि प्रतिष्ठान भारत को अपने अस्तित्व पर एक खतरे के तौर पर देखते हैं, ऐसे में पूर्वी पड़ोसी के खिलाफ सभी उपाय स्वीकार्य हैं.'' ओल्सन ने कहा कि ओबामा प्रशासन के तहत सीधे संवाद में कोई झिझक नहीं होती थी और कई बार अमेरिकी सहायकों ने विशेष कदम उठाए, जिनसे कोई नतीजे नहीं मिले.

उन्होंने कहा, ''इसलिए मुझे लगता है कि हमें यह तय मानना चाहिए कि पाकिस्तान तालिबान का समर्थन जारी रखेगा और हमें इस मामले में अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ प्रयास करना होगा.'' उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर भारत से जुड़ा है.

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इस मुद्दे पर अमेरिका की भूमिका के बारे में बात करते हुए ओल्सन ने कहा कि पाकिस्तान के संदर्भ में किसी भी अमेरिकी नीति में इस बात को ध्यान में रखना चाहिए.

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