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सीनेट की मंजूरी के बाद रूस और उत्तर कोरिया पर कड़े प्रतिबंध संबंधी विधेयक ट्रंप के पास पहुंचा

प्रतिनिधि सभा ने तीन के मुकाबले 419 मतों से इस विधेयक को पारित किया था. इसके दो दिन बाद सीनेट ने इसे गुरुवार को दो के मुकाबले 98 मतों से पारित किया.

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सीनेट की मंजूरी के बाद रूस और उत्तर कोरिया पर कड़े प्रतिबंध संबंधी विधेयक ट्रंप के पास पहुंचा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. गहन वार्ता के बाद हस्ताक्षर के लिए ट्रंप के पास पहुंचा विधेयक
  2. प्रतिनिधि सभा ने तीन के मुकाबले 419 मतों से पारित किया था
  3. सीनेट ने भी इसे 2 के मुकाबले 98 मतों से पारित किया
वाशिंगटन: अमेरिकी सीनेट ने रूस, ईरान और उत्तर कोरिया के खिलाफ कड़े वित्तीय प्रतिबंधों के नए पैकेज को मंजूरी दे दी है.अब यह विधेयक कई सप्ताह की गहन वार्ता के बाद हस्ताक्षर के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास पहुंच गया है. यह विधेयक ट्रंप को कांग्रेस की सहमति के बिना रूस पर अतिरिक्त प्रतिबंधों में ढील देने से प्रतिबंधित करता है. प्रतिनिधि सभा ने तीन के मुकाबले 419 मतों से इस विधेयक को पारित किया था. इसके दो दिन बाद सीनेट ने इसे गुरुवार को दो के मुकाबले 98 मतों से पारित किया.

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हस्ताक्षर के अलावा शायर ही कोई विकल्प
इस विधेयक का मकसद मॉस्को को वर्ष 2016 में अमेरिका के चुनाव में दखल देने और यूक्रेन एवं सीरिया में उसकी सैन्य आक्रामकता के लिए दंडित करना है. ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों एवं सलाहकारों ने गोपनीयता की शर्त पर बताया था कि ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर राष्ट्रपति की ताकत को सीमित करने की कांग्रेस की क्षमता को लेकर निजी रूप से निराशा जताई है. इस विधेयक को प्रतिनिधि सभा एवं सीनेट में भारी बहुमत मिलने के कारण राष्ट्रपति के पास हस्ताक्षर करने के अलावा शायद ही कोई विकल्प बचा है.

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क्या विधेयक पर हस्ताक्षर करेंगे ट्रंप?
इस विधेयक ऐसे समय में पारित हुआ है जब ट्रंप प्रशासन नीति निर्माताओं से रूस के साथ संबंधों में नरमी बरतने की बात कह चुका है. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि क्या ट्रंप वीटो को इस्तेमाल करेंगे या इस विधेयक को कानून में तब्दील करने के लिए इस पर हस्ताक्षर करेंगे.

 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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