यह ख़बर 17 अक्टूबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

आक्रामक ओबामा ने रोमनी को बहस में दी कड़ी टक्कर

आक्रामक ओबामा ने रोमनी को बहस में दी कड़ी टक्कर

खास बातें

  • ओबामा और रिपब्लिकन उम्मीदवार मिट रोमनी के बीच हुई इस बहस में रोजगार के मुद्दे पर एक-दूसरे को काटने की जमकर कोशिश हुई।
वाशिंगटन:

राष्ट्रपति पद के लिए आयोजित दूसरी बहस में राष्ट्रपति बराक ओबामा ने प्रारम्भ से ही आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया। उन्होंने अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी की योजनाओं का उपहास उड़ाया। दोनों के बीच करों, अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर जोरदार बहस हुई।

रोमनी ने दो सप्ताह पूर्व पहले मुकाबले में राष्ट्रपति ओबामा को हर मुद्दे पर एक तरह से परास्त किया था। इस बार न्यूयॉर्क के लोग द्वीप में स्थित हॉफस्ट्रा युनिवर्सिटी में आयोजित दूसरे प्रमुख मुकाबले में उन्होंने राष्ट्रपति के रूप में ओबामा की विफलता की सूची गिनाने की कोशिश की।

6 नवम्बर के राष्ट्रपति चुनाव से मात्र तीन सप्ताह पहले हुई इस बहस में दोनों प्रतिद्वंद्वियों ने एक-दूसरे पर अर्थव्यवस्था और करों से लेकर ऊर्जा, महिला अधिकार तथा आव्रजन जैसे विषयों पर जोरदार हमले किए।

दूसरे मुकाबले में ओबामा ने अपने समर्थकों और सहयोगियों को निराश नहीं किया, जो यह चाहते थे कि डेनवर में हुए पहले मुकाबले के बाद इस दूसरी बहस में ओबामा मजबूत व अधिक आक्रामक प्रदर्शन करें।

मंगलवार रात हुई बहस में कौन जीता, इस मुद्दे पर बहस देखने वालों की राय बंटी हुई है। अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षण में 46 प्रतिशत लोगों ने ओबामा को विजयी बताया है, जबकि 39 प्रतिशत ने रोमनी को बेहतर बताया है। सात प्रतिशत मत को सर्वेक्षण के नमूने लेने में हुई भूल-चूक के लिए छोड़ दिया गया है।

सर्वेक्षण में शामिल 73 प्रतिशत ने कहा है कि ओबामा ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया जबकि 37 प्रतिशत ने रोमनी के बारे में कहा कि उन्होंने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया।

सर्वेक्षण के ये परिणाम राष्ट्रपति चुनाव के लिए 3 अक्टूबर को हुई पहली बहस से ठीक विपरीत हैं। उस समय बहस देखने वाले 67 प्रतिशत लोगों ने रोमनी के प्रदर्शन को अच्छा बताया था, जबकि 25 प्रतिशत ने ओबामा का साथ दिया था।

लेकिन ओबामा का यह आक्रामक प्रदर्शन उन्हें कितना लाभ पहुंचाता है, यह देखना अभी बाकी है, क्योंकि अधिकांश मीडिया रपटों में व्हाइट हाउस की इस दौड़ को या तो बराबरी का बताया जा रहा है या फिर यह कहा जा रहा है कि ओबामा चुनाव हार सकते हैं।

एक प्रमुख समाचार संकलक, रियल क्लीयर पॉलिटिक्स द्वारा निकाले गए राष्ट्रीय सर्वेक्षण औसत में बताया गया है कि रोमनी 47.4 प्रतिशत अंक के साथ ओबामा के 47 प्रतिशत अंक के मुकाबले मात्र 0.4 प्रतिशत से आगे हैं।

लेकिन ओबामा 538 सदस्यीय इलेक्टोरल कॉलेज में रोमनी के 191 मतों के मुकाबले 201 मतों से अभी भी आगे बने हुए हैं, जबकि 146 वोटों के बारे में अभी फैसला होना बाकी है। व्हाइट हाउस की जीत पक्की करने के लिए 270 वोटों की जरूरत है।

बहरहाल, दूसरे मुकाबले में रोमनी के पांच सूत्रीय आर्थिक योजना का उपहास उड़ाते हुए ओबामा ने कहा, गवर्नर रोमनी कहते हैं कि उनके पास पांच सूत्री योजना है। लेकिन गवर्नर रोमनी के पास पांच सूत्री योजना नहीं है। उनके पास केवल एक सूत्री योजना है। और वह योजना यह सुनिश्चित कराने की है कि शीर्ष लोगों के लिए अलग तरह के नियम हों।

ओबामा ने कहा, निजी क्षेत्र में यह उनका दर्शन रहा है। गवर्नर के रूप में यह उनका दर्शन रहा है। और राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में भी उनका यही दर्शन है।

ओबामा ने कहा कि रोमनी के कर प्रस्ताव अमेरिकी जनता के लिए दिखावा मात्र हैं। इसके साथ ही उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार को जॉर्ज बुश से जोड़ने की कोशिश की जबकि रोमनी ने कहा कि रिपब्लिकन होने के बावजूद वह कई मायनों में पूर्व राष्ट्रपति बुश से भिन्न हैं।

लेकिन रोमनी ने ओबामा के आकलन को गलत बताया और कहा कि ओबामा एक अच्छे वक्ता हैं, लेकिन उनकी नीतियां कारगर नहीं हैं।

रोमनी ने कहा, यह चुनाव इन्हीं नीतियों को लेकर है। उन्होंने कहा कि ओबामा मध्यवर्गीय विकास को प्राथमिकता देंगे। रोमनी ने कहा, उनकी नीतियां इस बारे में हैं कि हम इस देश के मध्य वर्ग का कैसे उज्वल व समृद्ध भविष्य बना सकते हैं।

दोनों उम्मीदवारों के बीच 11 सितम्बर को लीबियाई शहर बेनघाजी में अमेरिकी वाणिज्यदूतावास पर हुए हमले को लेकर भी नोक-झोंक हुई। रोमनी ने कहा कि ओबामा प्रशासन ने इस मामले में भी राजनीति की और तत्काल स्पष्ट नहीं किया कि वाकई में वहां क्या हुआ।

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इस पर पलटवार करते हुए ओबामा ने कहा कि यह कहना कि उनके प्रशासन में किसी व्यक्ति ने इस तरह के किसी मुद्दे पर राजनीति की, आक्रामक है। जब ओबामा ने कहा कि अगले ही दिन उन्होंने इसे एक आतंकवादी हमला बताया था, तो रोमनी ने इस पर चुनौती दे दी। जवाब में ओबामा ने कहा कि इसके लिए बयान की स्क्रिप्ट देखी जा सकती है।

इस पर बहस के सभापति, मुख्य राजनीतिक संवाददाता कैंडी क्राउले ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि दोनों व्यक्ति अपनी जगह सही हैं। ओबामा ने जब बयान दिया था तो उन्होंने इसे आतंकवादी हमला कहा था, लेकिन घटना के बारे में स्पष्टीकरण देने में प्रशासन ने लम्बा समय लिया था।